भारतकोश
तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary

आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा

DevanagariHindipublished177 पृष्ठ

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अध्याय - ४ ज्योतिष्काणां च ॥४०॥ ज्योतिषी देवों की भी उत्कृष्ट आयु एक पल्योपम से कुछ अधिक है। Of the Stellar devas² also. तदष्टभागोऽपरा ॥४१॥ ज्योतिषी देवों की जघन्य आयु एक पल्योपम के आठवें भाग है। The minimum is one-eighth of it. लौकान्तिकानामष्टौ सागरोपमाणि सर्वेषाम् ॥४२॥ समस्त लौकान्तिक देवों की उत्कृष्ट तथा जघन्य आयु आठ सागर की है। Eight sāgaropamas for all Laukāntikas. ॥ इति तत्त्वार्थाधिगमे मोक्षशास्त्रे चतुर्थोऽध्यायः ॥ ✤ ✤ ✤ ² The Stellar celestials include the planets also. Refer to sutra 12. 65