वैदिक गणित: १६ सूत्र

वैदिक गणित: १६ सूत्र
Vaidik Ganit: 16 Sutra
जगद्गुरु स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ / रोबिन सिराना द्वारा
स्रोत: Vaidik Ganit 16 Sutras Compilation · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)
DevanagariHindipublished57 पृष्ठ
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16. गुणकसमुच्चयः – गुणकों का समुच्चय
उपसूत्र
- 1. अनुरूप्येण - अनुपातों से।
- 2. शिष्यते शेषसंज्ञ - एक विशिष्ट अनुपात में भाजक के बढ़ने पर भजनफल उसी अनुपात में कम होता है तथा शेषफल अपरिवर्तित रहता है।
- 3. आद्यमाद्येन अन्त्यमन्त्येन - प्रथम को प्रथम के द्वारा तथा अन्तिम को अन्तिम के द्वारा।
- 4. केवलैः सप्तकं गुण्यात् - 7 के लिए गुणक 143
- 5. वैष्टनम् - आश्लेषण करके।
- 6. यावदूनम् तावदूनम् - विचलन घटा करके।
- 7. यावदूनम् तावदूनीकृत्य वर्गं च योजयेत् - संख्या की आधार से जितनी भी न्यूनता हो उतनी न्यूनता और करके उसी न्यूनता का वर्ग भी रखें।
- 8. अन्ययोर्यशकेऽपि - अन्तिम अंकों का योग 10 वाली संख्याओं के लिए।
- 9. अन्ययोरिव - अन्तिम पद से ही।
- 10. समुच्चयगुणितः- गुणनफल की गुणन संख्याओं का योग।
- 11. लोपनस्थापनाभयाम् - विलोपन तथा स्थापना से।
- 12. विलोकनम्- देखकर।
- 13. गुणितसमुच्चयः समुच्चयगुणितः - गुणनखण्डों की गुणन संख्याओं के योग का गुणनफल गुणनफल की गुणन संख्याओं के योग के समान होता है।
- 14. ध्वजांक -ध्वज लगाकर।
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