भारतकोश
संग्रह पर लौटें

वैदिक गणित: १६ सूत्र

Vaidik Ganit: 16 Sutra

जगद्गुरु स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ / रोबिन सिराना द्वारा

स्रोत: Vaidik Ganit 16 Sutras Compilation · Swadeshi Robin Sirana · 2017 (उद्गम)

DevanagariHindipublished57 पृष्ठ

1 से 100 तक पहाड़ा याद करने की सरल विधि

जैसे हम 27 का पहाड़ा लिख रहे हैं, लेकिन हमें याद नहीं तो हम इस विधि से याद कर सकते हैं।

27 * 8 सताईस (27) अठ्ठे का पता करना है तो

अब 8 की गुणा संख्या पहले अंक के साथ करे 8 * 2 = 16

अब इसके आगे शून्य लगा ले (160)

अब 8 की गुणा संख्या की दूसरे अंक के साथ गुणा करें 7 * 8 = 56

अब इन्हें एक साथ जोड़ कर लिख दे।

160

56

216 उत्तर

➤ इसी तरह 27 सते पता कीजिए

27 * 7

7 * 2 = 14 (7 की गुणा दहाई अंक से)

शून्य लगाकर लिखे 140

अब 7 की गुणा इकाई के अंक से

7 * 7 = 49

55

140

49

189 उत्तर

➤ इसी तरह 34 चौकके निकालिए

3 4 * 4

4 * 3 = 120

4 * 4 = 16

120

16

136 उत्तर


56

वैदिक गणित के 17 सूत्र हैं, इन सूत्रों को जो सीख लेगा वो गणित का इतना बड़ा पण्डित हो जायेगा की कैलकुटर से ज्यादा तेज कैलकुलेशन कर पायेगा। कुछ भारवासी पूरी दुनिया में अपना चमत्कार दिखाते रहते हैं गणित का। एक माता जी है, वो पूरी दुनिया में प्रवास करती है, बड़े- बड़े शो करती हैं, लाखों- लाखों रूपये वे इस शो के लेती हैं।

वे माता जी इन्ही सूत्रों को बताती है, और चमत्कारी तरीके से बताती हैं, जैसे 10 अंक की कोई संख्या लिख दो, अब 10 अंक की एक ओर संख्या लिख दो, अब इनमें गुणा कर दो। कैलकुलेटर जितनी देर में बतायेगा वे बहन जी उससे पहले ही बता देती हैं। ये कुछ भी नहीं है, ये बस वैदिक गणित के सूत्र है, जो सीख लेगा तो वो भी बता देगा। और उनका विज्ञापन भी आता है कि ऐसी माता जी है जिनका दिमाग कम्प्यूटर से तेज चलता है, आप आइये इनके दर्शन कीजिए।

मैं कहता हूँ कि ऐसी तो प्रत्येक माता जी हो सकती हैं, सभी भाई हो सकते हैं, बस वैदिक गणित के 17 सूत्र सीखने की देरी है।

मेरी आपसे विनम्र प्रार्थना है कि आपके घर में छोटे-छोटे बच्चे हैं तो उन्हें आप वे सूत्र सीखा दीजिए। गणित उनको रोचक हो जायेगा। हमारे देश के बच्चों को गणित में ही सबसे ज्यादा बोरियत आती है। क्योंकि आज जो हम गणित सीखते व सीखाते हैं, तो वो अंग्रेजों के तरीके से हैं, उसमें रस बिल्कुल नहीं है, लेकिन ये जो वैदिक गणित लिखा गया है, इसको सीखने में इतना रस है, कि आप 90 साल के भी हो जाये तो आप ऐसे ही सीखेंगे जैसे 15- 16 साल के हो। हमारे देश की शिक्षा में महत्वपूर्ण बात है कि शिक्षा को रसपूर्ण बनाकर सीखाना, हँसते-हँसते सीखाना, खेलते खेलते सीखाना, गीत गाते गाते सीखाना, दुनिया में कही नहीं है ये।

- श्री राजीव दीक्षित जी

www.rajivdxt.com

57