भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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no, शूद्र, अनडुह्, कुम्भकार, श्वपाक । इति कुलालादिः ॥ Wait, where is ब्रह्मन्? शूद्र, अनडुह्, ब्रह्मन्, कुम्भकार, श्वपाक । इति कुलालादिः ॥ Wait, does it have ब्रह्मन्? Yes: शूद्र, अनडुह्, ब्रह्मन्, कुम्भकार, श्वपाक । इति कुलालादिः ॥

B देवासुर रक्षोऽसुर । इति देवासुरादिः ॥

Bottom footnotes below the line: १ छन्दसि किम् । शौनकीया शिक्षा । अस्य वेदमात्रविषयकत्वमित्युक्तिर्भ्रान्त्या कलापीतिसूत्रभाष्यविरोधात् ।

२ अत्र द्वन्द्वे इति पाठो लेखकप्रमादात् , मैथुनिकाशात्सत्रिह्यासेमार्थ्ये वैरशब्दस्य दर्शनाच्च ॥ Wait, let's re-read that second footnote carefully: २ अत्र द्वन्द्वे इति पाठो लेखकप्रमादात्, मैथुनिकाशात्सन्निह्यासेमार्थ्ये वैरशब्दस्य दर्शनाच्च ॥ Wait, what is that word in footnote 2? Let's trace letter by letter: मै - mai थु - thu नि - ni का - ka शा - sha