वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)
Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary
भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा
DevanagariHindipublished835 पृष्ठ
पृष्ठ 330, कुल 835 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 330
? No, ॥ २७ ॥ चिट परप्रेष्ये ॥ २८ ॥ विट शब्दे ॥ २९ ॥ विट आक्रोशे ।
Line 20:
बशादिः । हिटेत्येके ॥ ३० ॥ or ३१?
॥ ३१ ॥ इट किट कटी गतौ । एटति ॥ ३२ ॥ केटति ॥ ३३ ॥
Line 21:
कटति । ईकारः श्रीदितो निष्ठायामितीणिषेधार्थः ॥ ३४ ॥
Wait, line 20-21:
इट किट कटी गतौ । एटति ॥ ३२ ॥ केटति ॥ ३३ ॥ कटति । ... ॥ ३४ ॥
Yes! 32, 33, 34!
Then:
Line 21:
॥ केचित्तु^८ इदितं मत्वा नुमि
Line 22:
कृते कण्टतीत्यादि वदन्ति । अन्ते च इ ई इति प्रक्षिप्य । अयति । इयाय । इयतुः^९ ।
Let's look at the numbers in line 12:
आटतुः । आटुः ॥ ६ ॥ पपाट । पेटतुः । पेटुः ॥ ७ ॥?
Wait! In line 12:
Between आटुः and पपाट:
Is it ॥ ६ ॥ or ॥ ७ ॥?