भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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child/calf). In the image: शिशुर्वत्सः! The character is त्सः, not त्लः. त् + = त्स. शिशुर्वत्सः ॥

*   L14:
    `द्वेग्रहणमित्त्वनिवृत्त्यर्थम् ॥ कुभ्रेश्च ॥ बभ्रुर्मुन्वन्तरे विष्णौ बभ्रू नकुलपिङ्गलौ । चादन्य-`
    Wait: `बभ्रुर्मन्वन्तरे` or `बभ्रुर्मुन्वन्तरे`?
    Look at `बभ्रुर्मन्वन्तरे`:
    `ब`, `भ्रु`, `र्म`, then `न्व` (न्+व) or `न्त्व`? `बभ्रुर्मन्वन्तरे`!
    Wait, under `म` is there an u-kar?
    Look at `र्म`: it's `र्म` with repha, no u-kar. `बभ्रुर्मन्वन्तरे विष्णौ बभ्रू नकुलपिङ्गलौ ।`
    Wait, Amara: `बभ्रुर्मन्वन्तरे विष्णौ बभ्रुः क्लीबे तु पिङ्गले` or `बभ्रू नकुलपिङ्गलौ`?
    In Medini: `बभ्रुर्मन्वन्तरे विष्णौ बभ्रूर्नकुलपिङ्गलौ` / `बभ्रू नकुलपिङ्गलौ`.
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