भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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? Look at the word: स ा व र्णि म ा ण् डूँ के यौ -> "सावर्णिर्माण्डूकेयौ" - wait, there is a repha on 'णि', and another on 'मा'? No, "सावर्णिर्माण्डूकेयौ" or "सावर्णिमाण्डूकेयौ"? The repha is on णि: "सावर्णिमाण्डूकेयौ".)

  • अवन्त्यश्मकाः,
  • पैलश्यापर्णेयाः, Footnote Line 2: कपिश्यापर्णेयाः, शौन्तिकारकक्षपाञ्चालेयाः, कठकुथाथूलेयाः, शाकलकुशुनकाः, शालशणकाः, शणकबाभ्रवाः, Wait, let's check: "कठकुथाथूलेयाः" -> look at "कठकुवाथूलेयाः" or "कठकुथाथूलेयाः"? It looks like "कठकुक्वाथूलेयाः" or "कठकुवाथूलेयाः". Wait, the gaṇasūtra in standard Gaṇapāṭha has: "कठकुभाथूलेयाः" or "कठकुक्कुभाथूलेयाः" or "कठकुथाथूलेयाः"? In the image: "कठकुक्वाथूलेयाः" or "कठकुथाथ