वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)
Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary
भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें॥ ६५ ॥ भुजोऽनवने ॥ ६६ ॥ णेरणौ यत्कर्म णौ चेत्स कर्त्ताऽनाध्याने ॥ ६७ ॥ भीस्म्यो- र्हेतुभये ॥ ६८ ॥ गृधिवञ्च्योः प्रलम्भने ॥ ६९ ॥ लियः संमाननशालिनीकरणयोश्च ॥७०॥ मिथ्योपपदात्कृञोऽभ्यासे ॥ ७१ ॥ स्वरितञितः कर्त्रभिप्राये क्रियाफले ॥ ७२ ॥ अपाद्वदः ॥ ७३ ॥ णिचश्च ॥ ७४ ॥ समुदाङ्भ्यो यमोऽग्रन्थे ॥ ७५ ॥ अनुपसर्गाज्ज्ञः ॥ ७६ ॥ विभाषोपपदेन प्रतीयमाने ॥ ७७ ॥ शेषात्कर्तरि परस्मैपदम् ॥ ७८ ॥ अनुपराभ्यां कृञः ॥ ॥ ७९ ॥ अभिप्रत्यतिभ्यः क्षिपः ॥ ८० ॥ ४ ॥ प्राद्वहः ॥ ८१ ॥ परेर्मृषः ॥ ८२ ॥ व्याङ्परिभ्यो रमः ॥ ८३ ॥ उपाच्च ॥ ८४ ॥ विभाषाऽकर्मकात् ॥ ८५ ॥ बुधयुधनशजनेङ्- प्रुद्रुस्रुभ्यो णेः ॥ ८६ ॥ निगरणचलनार्थेभ्यश्च ॥ ८७ ॥ अणावकर्मका