वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)
Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary
भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा
पृष्ठ 636, कुल 835 में से
संदर्भ में पढ़ें(३०) अष्टाध्यायी- ॥ ३१ ॥ पश्चात् ॥ ३२ ॥ पश्च पश्चा च च्छन्दसि ॥ ३३ ॥ उत्तराधरदक्षिणादातिः ॥ ॥ ३४ ॥ एनबन्तरस्यामदूरेऽपञ्चम्याः ॥ ३५ ॥ दक्षिणादाच् ॥ ३६ ॥ आहि च दूरे ॥ ॥ ३७ ॥ उत्तराच्च ॥ ३८ ॥ पूर्वाधरावराणामसि पुरववश्चैषाम् ॥ ३९ ॥ अस्ताति च ॥ ॥ ४० ॥ २ ॥ विभाषावरस्य ॥ ४१ ॥ संख्याया विधार्ये धा ॥ ४२ ॥ अधिकरणविचाले च ॥ ४३ ॥ एकाद्धो ध्यमुञन्यतरस्याम् ॥ ४४ ॥ द्वित्र्योश्च धमुञ् ॥ ४५ ॥ एधाच्च ॥ ४६ ॥ याप्ये पाशप् ॥ ४७ ॥ पूरणाद्भागे तीयादन्न् ॥ ४८ ॥ प्रागेकादशभ्योऽच्छन्दसि ॥ ४९ ॥ षष्ठाष्टमाभ्यां ञ च ॥ ५० ॥ मानपश्वङ्गेभ्यः कन्लुकौ च ॥५१ ॥ एकादाकिनिच्चासहाये ॥५२॥ भूतपूर्वे चरट् ॥ ५३ ॥ षष्ठ्या रूप्य च ॥ ५४ ॥ अतिशायने तमबिष्ठनौ ॥