भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

DevanagariHindipublished835 पृष्ठ

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विंशतिः ) ॥ Wait, look at line 29: खार्या नञ्दुःसुभ्यो धयसि विंशतिः ) ॥ Wait, 'धयसि' or 'वयसि'? Look at L29: खार्या नञ्दुःसुभ्यो धयसि विंशतिः ) ॥ The letter is 'ध' or 'व'? Look at 'ध' in 'धनुषश्च' (L18), 'धर्मादनिच्' (L16). The letter in L29 has a top loop like 'ध'! It's printed धयसि instead of वयसि! Yes, exactly! It's धयसि! And in L28: (पादशतस्य तत्प्रकृतवृकज्येष्ठाभ्यां सप्रभान्ववततात् Wait, सप्रभान्ववततात् or सप्रभान्ववत्ततात्? It is सप्रभान्ववततात् or सप्रभान्ववत्ततात् - looks like सप्रभान्ववततात्.

इति पञ्चमाध्यायस्य तुरीयः पादः ॥ ४ ॥ इति पञ्चमोऽध्यायस्समाप्तः ॥

Let's double-check all lines carefully.

Line 1: `( ३२