भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

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Let's look at line 26: प्रत्येनसि ॥ २७ ॥ पूगेष्वन्यतरस्याम् ॥ २८ ॥ इगन्तकालकपालभगलशरावेषु द्विगौ ॥२९ ॥ Wait, 6.2.29: इगन्तकालकपालभगलशरावेषु द्विगौ - wait, is it भगल or शभाल? In Ashtadhyayi: इगन्तकालकपालशभालशरावेषु द्विगौ or भगल? In the image: इगन्तकालकपालभगलशरावेषु - look at भगल: भ, ग, ल. Yes, clearly भगल!

Line 27: बहन्यतरस्याम् ॥ ३० ॥ दिष्टिवितस्त्योश्च ॥ ३१ ॥ सप्तमी सिद्धशुष्कपक्वबन्धैश्चकालात् ॥ ३२॥ Wait, look at सिद्धशुष्कपक्वबन्धैश्चकालात्: Wait, 6.2.32: सप्तमी सिद्धशुष्कपक्वबन्धैश्च (or सिद्धशुष्कपक्वध्वाङ्क्षैरक्षेपैः? No, 2.1.something is that). Here: सिद्धशुष्कपक्व then what? Look closely at line 27: `सप्तमी