वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)
Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary
भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( २०६ ) धातुसूची । पृष्ठाङ्काः धातवः | पृष्ठाङ्काः धातवः | पृष्ठाङ्काः धातवः | पृष्ठाङ्काः धातवः ३४३ स्फुल ( पा. ) | ३६१ स्वर | २७८ हिडि | २९१ हेष्टृ २७७ ( दुञो ) स्कूञी | १६८ स्वर्दृ | ३४२ हिल | २७९ होडू ३५४ स्मिङ् ( पा. ) | २६९ स्वाद | २९० हिवि | २८० होडू ३५४ स्मिट | ३५९ स्वाद ( पा. ) | ३५६ हिष्क ( पा. ) | ३२९ ह्लु २८८ स्मील | ३०८ स्वृ | ३४७ हिसि | ३०० ह्वल ३०० स्मृ | २७९ हट | ३५९ हिसि | २९९ ह्वगे ३०८ स्मृ | २८० हठ | ३२९ हु | २९४ ह्वस ३३९ स्मृ ( पा. ) | ३१२ हद | २७८ हुडि | २६९ ह्वाद २९६ स्यन्दू | ३१७ हन | २७९ हुडि | ३२९ ह्वी ३५६ स्यम | २८६ हम्म | २८० हुडू | २७५ ह्लोछ ३०२ स्युमु | १८८ हय | २७५ हुर्छीं | २९१ ह्वेषृ १७२ स्त्रकि | २८८ हयं | ३०२ हुल | २९९ ह्वगे २९६ स्त्रन्सु | ३०१ हल | २८० हूडू | ३५५ ह्वप २९६ स्त्रंभु | २९५ हसे | ३३१ हृ | २९४ ह्वस ३३२ स्त्रिवु | ३३० ( ओ ) हाक् | ३०६ हृञ् | २६९ ह्वादी ३०८ स्त्रु | ३३० ( ओ ) हाङ् | ३३७ हृष | ३०० ह्वल २३२ स्त्रंकु | ३३९ हि | २९४ हृपु | ३०८ ह्वृ ३११ स्वञ्ज | ३०३ हिक | २७८ हेठ | ३०७ ह्वृ ३०१ स्वन | १७९ हिट ( पा. ) | १९८ हेड | ३१६ ह्वृञ् ३०२ स्वन | ३५२ हिठ | २७९ हेडृ | इति धातुसूची समाप्ता ।