भारतकोश
वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

वैयाकरण सिद्धान्त कौमुदी (भट्टोजि दीक्षित - बालमनोरमा व तत्त्वबोधिनी टीका सम्पूर्ण पूर्वार्ध)

Vaiyakarana Siddhanta Kaumudi of Bhattoji Dikshita with Commentary

भट्टोजि दीक्षित (टीकाकार: वासुदेव दीक्षित एवं ज्ञानेन्द्र सरस्वती) द्वारा

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or ये? Ah, 'इण्येतेः' or 'इयेतेः'.)

Row 26: Col 1: ४६६ सर्तेरपः षुकच्च Col 2: ४६८ सृवृपिम्यां कित् Col 3: ४६४ इसिमृग्रिणवामि० (Wait, हसिमृग्रिणवामि०! Under ह, it's हसिमृ..., look at the first letter, it's ह, हसिमृग्रिणवामि०!)

Row 27: Col 1: ४७३ सर्तेरपूर्वादसिः Col 2: सृवृश्रिकृत्य० (no page number) Col 3: ४७४ हिंसेरीरक्षीरचौ

Row 28: Col 1: ४६२ सर्तेरयुः Col 2: ४७३ सौ रमेः क्तो दमे Col 3: ४७२ हुयामाश्रुभ्यिन्व० (Wait, हुयामाश्रुभ्यिन् व० or हुयामाश्रुभ्यिन्व०? 'हुयामाश्रुभ्यिन्वन्' -> Unadi 1.140 is हुयामाश्रुभ्य इन्वन् or हुयामाश्रुभ्यिन्वन्)

Row 29: Col 1: ४५७ सर्तेर्णित् Col 2: ४७२ स्कन्देन्न स्वाङ्गे Col 3