वाक्यपदीयम्: ब्रह्मकाण्ड (भर्तृहरि - शब्दब्रह्म, स्फोट-सिद्धान्त एवं भाषा-दर्शन सटीक)

वाक्यपदीयम्: ब्रह्मकाण्ड (भर्तृहरि - शब्दब्रह्म, स्फोट-सिद्धान्त एवं भाषा-दर्शन सटीक)
Vakyapadiya Brahmakanda of Bhartrihari with Commentary
भर्तृहरि (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण शुक्ल) द्वारा
DevanagariHindipublished192 पृष्ठ
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काशी संस्कृत ग्रन्थमाला १२४ ( व्याकरणविभागे ( १५ ) पञ्चदशं पुष्पम् ) महावैयाकरणश्रीभर्तृहरिविरचितं वाक्यपदीयम् ( ब्रह्मकाण्डम् ) भूतपूर्वकाशीस्थराजकीयप्रधानपाठशालाध्यापक- न्याय-व्याकरण-साहित्याचार्यपण्डितश्रीसूर्यनारायणशुक्लेन स्वप्रणीतेन भावप्रदीपाख्यव्याख्यानेन टिप्पणेन च समलंकृतम् तत्पुत्रेण वाराणसेयसंस्कृतविश्वविद्यालयपण्डितेन न्याय-व्याकरण-साहित्याचार्यश्रीरामगोविन्दशुक्लेन हिन्दीव्याख्या विशिष्टया भूमिकया च समलंकृत्य सम्पादितम् चौखम्बा संस्कृत सीरीज आफिस, वाराणसी-१