वेदान्त परिभाषा (गजानन शास्त्री मुसलगांवकर हिन्दी व्याख्या सहित)

वेदान्त परिभाषा (गजानन शास्त्री मुसलगांवकर हिन्दी व्याख्या सहित)
Vedanta Paribhasha Hindi
धर्मराजाध्वरीन्द्र द्वारा
स्रोत: Vedanta Paribhasha with Hindi Commentary by Pt. Gajanan Shastri Musalgaonkar (उद्गम)
DevanagariHindipublished482 पृष्ठ
पृष्ठ 468, कुल 482 में से
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४१० वेदान्तपरिभाषा
( १ )
( पृष्ठ : ७६ ) प्रत्यक्ष ( ज्ञानगत और विषयगत )
- सविकल्पक
- ( पृष्ठ : ८५ )
- जीवसाक्षी
- ईश्वरसाक्षी
- ( पृष्ठ : ८५ )
- निर्विकल्पक
- जीवसाक्षी
- ईश्वरसाक्षी
उक्त प्रत्यक्ष ( ज्ञानगत-विषयगत )
( पृष्ठ : १४२ ) प्रकारान्तर से दो भेद
- इन्द्रियजन्य
- इन्द्रियाजन्य
इन्द्रिय
( पृष्ठ : १४३ )
- ज्ञानेन्द्रिय
- घ्राण
- रसन
- चक्षु
- श्रोत्र
- त्वक्
- कर्मेन्द्रिय
- वाक्
- पाणि
- पाद
- पायु
- उपस्थ
( २ )
( पृष्ठ : १६६ )
अन्वयी अनुमान
- स्वार्थं
- परार्थं
- तीन अवयव
- प्रतिज्ञा, हेतु, उदाहरण
- उदाहरण, उपनय, निगमन
- तीन अवयव