वेदान्त परिभाषा (गजानन शास्त्री मुसलगांवकर हिन्दी व्याख्या सहित)

वेदान्त परिभाषा (गजानन शास्त्री मुसलगांवकर हिन्दी व्याख्या सहित)
Vedanta Paribhasha Hindi
धर्मराजाध्वरीन्द्र द्वारा
स्रोत: Vedanta Paribhasha with Hindi Commentary by Pt. Gajanan Shastri Musalgaonkar (उद्गम)
DevanagariHindipublished482 पृष्ठ
पृष्ठ 470, कुल 482 में से
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वेदान्तपरिभाषा
( पृष्ठ : ८९ )
- माया-गुण
- सत्त्व
- रजस्
- तमस्
( पृष्ठ : ९२ )
- माया + चैतन्य
- परमेश्वर
- विशेषणीभूतमाया + चैतन्य
- ईश्वरत्व
- उपाधिभूतमाया + चैतन्य
- साक्षित्व
- विशेषणीभूतमाया + चैतन्य
- परमेश्वर
( पृष्ठ : १०७ )
- कार्योत्पत्ति
- परिणाम
- विवर्त
( पृष्ठ : १३० )
- कार्यनाश
- बाध ( उपादान के साथ )
- निवृत्ति ( उपादान के रहते हुए भी )
( पृष्ठ : १७६ )
- सत्ता
- पारमार्थिक
- व्यावहारिक
- प्रातिभासिक
( पृष्ठ : १८७ )
- वाक्यार्थज्ञान में सहायक
- आकांक्षा
- योग्यता
- आसत्ति
- तात्पर्य
( पृष्ठ १८९ )
- पद के अर्थ
- वाच्य
- लक्ष्य