वेदान्तसार (नृसिंहसरस्वती टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Vedantasara by Sadananda Yogindra
सदानन्द योगीन्द्र द्वारा
स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास · खेमराज श्रीकृष्णदास · 1940 (उद्गम)
( १३६ ) वेदान्तसार । और परेच्छा इन तीन प्रकारके प्रारब्ध कर्म्मोंसे उत्पन्न हुए सुख दुःखका अनुभव करता हुआ साक्षी चैतन्यरूपबुद्धि आदिका प्रकाशक होता हुआ प्रारब्ध कर्म्मोंके भोगके अन्तमें सच्चिदानन्दरूप परब्रह्ममें प्राणोंके लीन होनेपर अज्ञान और अज्ञानके कार्य्य स्वरूप पूर्व संसारके विनाशका हेतु परम कै- वल्यरूप सच्चिदानन्दमय अद्वैत पूर्णब्रह्ममें अवस्थित होकर अनिर्वचनीय कैवल्यानन्दका भोग करता है । इस विषयमें प्रमाणभी है—“जीवन्मुक्त पुरुषके देहका त्याग करनेपर सम्पू- र्ण अन्यलोकोंको नहीं जाते हैं । उसी सच्चिदानन्दमय परब्र- ह्ममें लीन होजाते हैं और असार संसारके बन्धनसे छूट- कर परम ब्रह्मानन्दमें निमग्न हो जाता है” ॥ १०० ॥ इतिश्रीपरमहंसपरिव्राजकाचार्य्यश्रीसदानन्दयोगीन्द्रविर- चितं वेदान्तसारप्रकरणं रामपुरवास्तव्य-त्रिवेदभो- लानाथात्मजरामस्वरूपविरचितस्वरूपप्रकाशभा- षासहितं समाप्तिमगमत् । पुस्तक मिलनेका ठिकाना-- खेमराज श्रीकृष्णदास, “श्रीवेङ्कटेश्वर” छापाखाना ( मुंबई. )
विक्रय्यपुस्तकें। नाम. की रु. आ. ऋग्वेदसंहिता .. .. .. ४-० यजुर्वेदसंहिता ( वाजिसनेयी सर्वानुक्रमणिका या- ज्ञवल्क्य शिक्षा व स्वरसहित मोटे टैपमें शुद्धता पूर्वक मन्त्रोंकी अकारादि अनुक्रमणिका समेत ३--० द्वादशउपनिषद्मूल स्थूलाक्षर शांती सहित ... ३--० अष्टादशोपनिषद् रेशमी गुटका [ अठारहों उपनिषद् पाठ करने योग्य ] .. १-० मंत्रसंहिता यजुर्वेदी ... ... ... ... ०-६ रुद्री यजुर्वेदी ... ... ... ... ०--४ दंडक यजुर्वेदी ... ... ... ... ०-४ पितृसंहिता ... ... ... ... ०--१॥ पारस्कराचार्यकृत “गृह्यसूत्र” हरिहरभाष्यसहित १--८ पुरुषसूक्त श्रीसूक्त ... ... ... ... ०--१ मंत्रार्थदीपिका सटीक .. .. १--८ शारीरक ( शांकरभाष्य ) रत्नप्रभाटीका व्यासाधिक- रणमाला और भक्तिसूत्र सभाष्य अक्षर बडा १०--० ब्रह्मसूत्र ( शारीरक ) भाषाटीका .. १--८ पंचदशीसटीक ... ... ... ... २--८
( १३८ ) जाहिरात. नाम. की. रु. आ. पंचदशी पं०मिहिरचंद्रकृत अत्युत्तम भाषाटीका सहित .. .. .. ४-० पंचदशी भाषा-आत्मस्वरूजीकृत .. ४-० गीता चिद्घनानंदस्वामिकृत गूढ़ार्थदीपिका मूल अन्वय पदच्छेदके सहित भाषाटीका .. ७-० गीता आनंदगिरिकृतभाषाटीका .. ३--० श्रीमद्भगवद्गीता सान्वयब्रजभाषा दोहासहित .. १-४ गीतामृततरंगिणी भाषाटीका ( रघुनाथप्रसाद- कृत ) अक्षरबड़ा .. .. १--४ गीतामृततरंगिणी भाषाटीका पाकिटबुक् .. ०-१२ श्रीरामगीता मूल .. .. ०-२ श्रीरामगीता भाषाटीका-पदप्रकाशिका अनुवाद समुच्चय और विषमपदीके सहित .. ०-८ श्रीमद्भगवद्गीतापंचरत्नअक्षरमोटागुटकारेशमी .. १-० " पंचरत्न अक्षरबड़ा खुलापत्रा छोटीसंची .. १--८ "पंचरत्न अक्षरबड़ा लंबीसंची खुला .. १-० "पंचरत्न भाषाटीका .. .. २-० गीता श्रीधरीटीका सहित ... ... ... १-० गीता बडे अक्षरकी १६ पेजी गुटका ... ... १-१२ गीता बडेअक्षरकी खुली १२ पेजी .. ०--१०
जाहिरात. ( १३९ ) नाम, की. रु. आ. गीता गुटका विष्णुसहस्रनाम सहित .. ०--८ गीतापंचरत्न और एकादश रत्न .. ०--१२ ” पंचरत्न द्वादशरत्न .. .. ०--१० गीतापंचरत्न नवरत्न पाकिट बुक् .. ०--७ गीता गुटका पाकिट बुक् .. .. ०--५ अष्टावक्रगीता अत्युत्तम सान्वय भाषाटीका .. १-० शिवगीता भाषाटीकासहित .. ०--१२ गणेशगीता भाषाटीकासहित .. ०-६ गीतापंचदश भाषाटीका-[ काश्यपगीता, शौनकगी- ता, अष्टावक्रगीता, नहुषगीता, सरस्वतीगीता, युधिष्ठिरगीता, बकगीता, धर्मव्याधगीता, श्री- कृष्णगीतादि ] ... .. ०-१२ पाण्डवगीता भाषाटीकासह .. ०-३ तथा मूल ४ रत्न बडा अक्षर .. ०-२ अपरोक्षानुभूति संस्कृत टीका भाषाटीकासहित ०-१० आत्मबोध भाषाटीका .. .. ०-३ तत्त्वबोध भाषाटीका .. .. ०-२ वेदांतग्रंथपंचकम्(वाक्यप्रदीपःवाक्यसुधारसः हस्तामलकःनिर्वाणपंचकं मनीषापंचकं ) स० -८ वेदस्तुति भाषाटीकासह .. ०-८
( १४० ) जाहिरात. नाम. की. रु. आ. गीता रामानुजभाष्य .. .. २-० वेदांत डिम्डिम .. .. ०-१॥ वैराग्यभास्कर भाषाटीका .. .. ०-८ सिद्धांतचंद्रिका सटीक ( वेदांत ) .. ०-८ हरिमीडेस्तोत्रसटीक. .. .. ०-१४ द्वादशमहावाक्यविवरण .. .. ०-४ त्रोटक सटीक .. .. ०-१० वेदांतरामायण भाषाटीकासह .. .. १-८ वेदांतसंज्ञा भाषाटीका .. .. ०-८ शांडिल्यसूत्र सभाष्य ( भक्तिमीमांसा ) .. ०-८ प्रश्नोत्तर मुक्तावली भाषाटीका ( वेदान्त ) .. ०-३ जीवन्मुक्तगीता भाषाटीका .. .. ०-१ भक्तिमीमांसा-शांडिल्यऋषिप्रणीताचार्य स्वप्नेश्वरविरचितेन भाष्येण संयुता .. ०-८ योगवासिष्ठ सटीक संस्कृत .. .. २०-० आत्मपुराण भाषा [ चिद्धनानन्द स्वामिकृत ] .. १३-० योगवासिष्ठभाषा बड़ा संपूर्ण .. .. १२-० योगवासिष्ठगुटकावैराग्य मोक्ष प्रकरण वेदांत उत्तम कागज अक्षर बड़ .. .. ०-१२ वासिष्ठसार भाषा वेदांत ६ प्रकरण .. २-८
जाहिरात. ( १४१ ) नाम. की. रु. आ. विचारसागर सटीक निश्चलदासजीकृत .. २-० एकादशस्कंध भाषा चतुरदासकृत और नानकविलास .. .. १-० अमृतधारा वेदांत .. .. ०-१२ संतोषसुरतरु वेदांत .. .. ०-८ संतप्रभाव वेदांत .. .. ०--६ विचारमाला सटीकपंचीकरणसहित .. ०-१२ अभिलाषसागर भाषा ( वेदांत ) .. २-० आत्माबोधतत्त्वबोधवेदस्तुति भाषा .. ०-३ अध्यात्मप्रकाश भाषा ( वेदान्त ) .. ०-३ विज्ञानगीता कविकेशवदासकृत .. ०-१० सुंदरविलास ( ज्ञानसमुद्र, ज्ञानविलास, सुन्द- राष्ट्रकादि सहित ) सटिप्पण .. १-० प्रत्येकानुभव शतक भाषा ( वेदान्त ग्रंथ) .. ०-४ पक्षपातरहित अनुभवप्रकाश--वेदांत वर्णन ( कामलीवाले बाबाकी बनाईहुई ) .. ३--० मुक्तिकोपनिषद् भाषाटीका .. .. ०-५ कैवल्योपनिषद् .. .. .. ०-१ मोक्षगीता बड़ी ( सवालक्ष ) रामनाम .. १-० वृत्तिप्रभाकर स्वामीनिश्चलदासकृत ( वेदान्तका ग्रंथ शुद्धकर नयाछपाहै ) .. ३-०
( १४२ ) जाहिरात. नाम. की. रु. आ. आनन्दामृतवर्षिणी वेदान्त ( आनन्दगिरिजी- प्रणीत-गीताके कठिनस्थलोंकाप्रतिपादनहै ) .. ०-१२ दशोपनिषद्भाषा-स्वामी अच्युतानंदकृत .. २-० तत्त्वानुसंधानभाषा .. .. २-० भाषा-पुस्तक. श्रीमद्गोस्वामितुलसीदासकृत-रामायण । श्रीरामचरित मानस-[ गोस्वामितुलसीदास- जीकी हस्तलिखित प्रतिसे चतुर्थावृत्ति केस- रियानिवासी कोदौरामजीके द्वारा प्राप्तकर मोटे अक्षरोंमें छापी है ] .. .. ३-० श्रीरामचरितमानस उत्तम छोटा गुटका [ पाकिटबुक ] सुनेहरी जिल्दका .. ०-१० ” सादी जिल्दका .. .. ०-८ तुलसीकृत रामायण सटीक लवकुशकांडस- हित प्रत्येक दोहा चौपाईका अर्थ पंडित- ज्वालाप्रसादजी कृत भाषाटीका अतिउत्तम संपूर्ण क्षेपकोंके अर्थ और माहात्म्य तुलसी दासजीका जीवनचरित व गूढ़ार्थ व राम व- नवासतिथिपत्र कोष और हनुमान्जीका चित्र व सूर्यवंशकावृक्षसहित सुन्दर जिल्द ८-० तथा रफू कागजकी .. .. ७-०
जाहिरात. ( १४३ ) नाम. की. रु. आ. तुलसीकृत रामायण सटीक ऊपरके सर्व अलंकारों समेत सुन्दर छोटे अक्षरमें छपी तयार है .. ५--० तथा रफू .. .. .. ४--० तुलसीकृतरामायण बडे टाइपका अतिउत्तम मये श्लोकार्थ, गूढ़ार्थ, प्रसंगार्थ, छन्दार्थ, व अष्टम लवकुशकांड व इतिहास व तुलसी दासजीका जीवन चरित्र और पंचीकरण, रामचंद्रजीके वनवासका तिथिपत्र व दृष्टांत व बरवा रामायण सहित ३८०० टिप्पणीके जिसमें संपूर्ण क्षेपक और कोषभी है ग्लेज ५-० तथा रफू कागजका .. .. ४-० तुलसीकृतरामायण क्षेपकसह मझले टाईप का अति उत्तम मये श्लोकार्थ व गूढ़ार्थ व छन्दार्थ व प्रसंगार्थ व अष्टम लवकुश कांड व इतिहास व दृष्टांत व रामवनवास तिथिपत्र व तुलसीदासका जीवन चरित्र व बरवा रामायण व माहात्म्य व हनुमान्जीका बड़ाचित्र व सूर्यवंशकावृक्ष सहित ३८०० टिप्पणीके जीसमें सम्पूर्ण क्षेपक हैं ग्लेज २-४ तथा रफू कागजका .. .. १-८
( १४४ ) जाहिरात. नाम. की. रु. आ. तुलसीकृत रामायण बारीक गुटका श्लोकार्थ, गूढ़ार्थ, प्रसंगार्थ, छन्दार्थ, व अष्टम लवकुश कांड व इतिहास व दृष्टांत व रामवनवास तिथिपत्र व बरवा रामायण व माहात्म्य सहित ३८०० टिप्पणीके जिसमें संपूर्ण क्षेपक हैं देशाटनकरनेवालोंको अत्यंत उपयोगी है थोड़े दाममें चोखाकाम ग्लेज कागजका चित्रितपुट्ठा .. .. १-२ तथा रफ् कागजका .. .. ०-१४ तुलसीकृतरामायण सुंदरकाण्ड .. .. ०-२ ” किष्किंधाकाण्ड .. .. ०-२ दोहावलीरामायण .. .. ०-४ विनयपत्रिकातुलसीदासकृत ग्लेज कागज .. ०--६ विनयपत्रिका सटीक .. .. २--० पुस्तक मिलनेका ठिकाना-- खेमराज श्रीकृष्णदास, “श्रीवेङ्कटेश्वर” छापखाना ( मुंबई. )
(चित्र पूर्णतः रिक्त/खाली है। / The image is blank.)