विज्ञान भैरव तन्त्र (११२ ध्यान धारणाएँ - हिन्दी व्याख्या सहित)
Vijnana Bhairava Tantra with Hindi Commentary
भगवान भैरव / प्रो. ब्रजवल्लभ द्विवेदी द्वारा
स्रोत: मोतीलाल बनारसीदास / चौखम्बा · मोतीलाल बनारसीदास / चौखम्बा · 1950 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंविषय-सूची उपोद्घात १-४९ प्रस्तुत संस्करण—पृ० २, ग्रन्थ का स्वरूप—३, ग्रन्थ और व्याख्याकारों का काल— ४, विज्ञानभैरव क्या है ?—५, परमतत्त्व विषयक प्रश्न—७-१२ (शब्दराशिवमय—८, नवात्मा— ९, त्रिशिरोभैरव—९, शक्तित्रयात्मक—९, नादबिन्दुममय—९, प्रणवकलामय—१०, चक्रारूढ या अनच्क—११, शक्तिस्वरूप—१२), परमतत्त्व का स्वरूप—१३, धारणाओं का वर्गीकरण—१४, त्रिविध उपाय और समावेश—१५-२० (आणव उपाय—१५, शाक्त उपाय—१७, शाम्भव उपाय—१८, त्रिविध समावेश—१८), अनुपाय प्रक्रिया—१९, प्राणशक्ति या प्राणकुण्डलिनी— २०, सुषुम्णा (मध्यधाम)—२१, मध्यविकास—२२, द्वादशआधार—२३, द्वादशान्त—२४, प्राण और अपान—२५, प्राणायाम—२८, क्षोभ—२८, विकल्प—२९, अपोहन—२९, विज्ञान—३०, शून्य—३०, शून्यषट्क—३१, योगशास्त्र क्या है ?—३२, षडंग योग—३३, योगवासिष्ठ—३५, विज्ञानभैरव का मुख्य तात्पर्य—३६, योगशास्त्र का भविष्य—३७, कृतज्ञता ज्ञापन—४४ । द्वितीय संस्करण ४६ विज्ञानभैरव एवं व्याख्या १-१७६ अनुबन्ध-चतुष्टय १ प्रश्नोत्तरतत्त्वनिर्णय ३ ग्रन्थोपक्रम (ग्रन्थावतार) ६ परमतत्त्व विषयक आठ प्रश्न ९ परादि शक्तित्रय विषयक प्रश्न १२ सकल स्वरूप की असारता १५ परमतत्त्व के निष्कल स्वरूप की परमार्थता १७ शिव-शक्ति के स्वरूप का निर्णय १९ परावस्था की प्राप्ति का उपाय क्या है ? २२ क्रमशः ११२ धारणाओं का उपदेश २४ प्राणापान विषयक प्रथम धारणा के षड्विध अर्थ २५ अष्टविध प्राणायाम २९ नाद (शब्दब्रह्म) भावना ४२ प्रणव-पिण्डमन्त्र भावना ४३ शून्य भावना ५० षडध्व की भावना ५९ मध्यभावना ६५