भारतकोश
विज्ञान भैरव तन्त्र (११२ ध्यान धारणाएँ - हिन्दी व्याख्या सहित)

विज्ञान भैरव तन्त्र (११२ ध्यान धारणाएँ - हिन्दी व्याख्या सहित)

Vijnana Bhairava Tantra with Hindi Commentary

भगवान भैरव / प्रो. ब्रजवल्लभ द्विवेदी द्वारा

स्रोत: मोतीलाल बनारसीदास / चौखम्बा · मोतीलाल बनारसीदास / चौखम्बा · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished256 पृष्ठ

पृष्ठ 250, कुल 256 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 250

विज्ञानभैरव : १९३ प्रश्लेष ६७ भक्ति १२९-१३० प्रश्वास ३० भरण २४ प्राज्ञ ९६ भरिताकारता १६२ प्राण २३-३२, १६६-१७४ भरिताकारा १९, २४-२६ प्राणकुण्डलिनी १२ भरितावस्था २४-२६, ८०-८१, १२६ प्राणगतिस्थान ३० भाव ८९, १६९ प्राणचार ३४, ३९ भीत १४६ प्राणप्रतिष्ठा ५७ भुवनाध्वा ५९-६३ प्राणशक्ति ४०, ५८, ७२, ७६, १०१, भूचरी ८९ १५०-१५१, १६०, १६६-१६८ भूतशुद्धि ५७ प्राणापान २३-३२, ६६, ७६, ९१-९२, भेदप्रथा (भ्रम) १३० १६६-१७३ भेदात्मक ५९-६१ प्राणायाम २७-३०, ३२, ५८, ७०, भेदाभेदात्मक ५९-६१ ७२-७४, ९२, ९९-१०० भैरव (भट्टारक) ९-११, १८, २३,९४-९७, प्रातिभ ज्ञान १२४ १०७, ११८, १२२-१२३, १३४, १४०- बन्ध ४१, १४६ १४१, १५०, १५५ बल ८१ भैरवी १८ बाह्यकुम्भक ३० भैरवी (मुद्रा) ३१, ६६, ८६-८७, १२२, बाह्य स्थान (द्वादशान्त) ७० १२९, १५१ बिन्दु ९-११, १६-३७, ४०-४१, ४४, भ्रम १५ ४८-४९, ९९-१०३ भ्रान्त-ज्ञान १०५ बीजाक्षर ३६ भ्रूक्षेप ३४-३५ बुद्धि २३, १००, १४५ भ्रूभेद ३५, ४० बोधगगन ४१ भ्रूमध्य ३४, ३७, ४०, ४८, ९१-९२, १०१ बोधभैरव १६, १८-१९ २१, १४५, मखमल्ल ९२ १६१, १६३ मङ्गला ८९ ब्रह्मदशा ४४ मण्डल १६९ ब्रह्मभाव ११९ मण्डूकप्लुतिन्याय ३७ ब्रह्मरन्ध्र ३०, ३३-३४, ३६-३७, ४१, मत्ता १६९ ४८, ९४-९५ मध्य ६५-६७, ७४, ८२, १११ ब्रह्मसत्ता १२७ मध्यदशा २८, ३०-३२, ६५-६८ ब्राह्मण १०६ मध्यधाम २४, ३२, ४४, ५४, ६५-६६, ६८ ब्राह्मी ९९-१०२ मध्यनाडी ३१-३२, ३९-४०, ५४-५५, ७५

विज्ञान भैरव तन्त्र (११२ ध्यान धारणाएँ - हिन्दी व्याख्या सहित) · पृष्ठ 250, कुल 256 में से · BharatKosha