भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

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पृष्ठ 105

( १०४ ) यदि गुरु पर्वत के नीचे जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा का पूर्ण मिलन होता है तो यह शुभ माना जाता है। ऐसा व्यक्ति परिश्रमी सतर्क और योजनाबद्ध तरीके से काम करने वाला होता है। परन्तु यदि इन दोनों रेखाओं का उद्गम अलग-अलग होता है तो व्यक्ति उन्मुख विचारों वाला तथा अपनी ही धुन से कार्य करने वाला होता है। परन्तु यदि किसी के हाथ में जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा, और हृदय रेखा तीनों ही एक ही स्थान से निकले तो यह एक दुर्भाग्यपूर्ण प्रतीक होता है ऐसे व्यक्ति की निःसंदेह हत्या हो जाती है। जीवन रेखा पर यदि आड़ी-तिरछी लकीरें दिखाई दें तो उस व्यक्ति का स्वास्थ्य कमजोर समझना चाहिए। यदि हृदय रेखा और जीवन रेखा के बीच में त्रिभुज बन जाय तो ऐसा व्यक्ति दमे का रोगी होता है। यदि जीवन रेखा से कोई पतली रेखा निकल कर गुरु पर्वत की ओर जाती दिखाई दे तो उस व्यक्ति में इच्छाएं, भावनाएं और महत्त्वाकांक्षाएं जरूरत से ज्यादा होती हैं और वह उन इच्छाओं को पूरी करने का भगीरथ प्रयत्न करता है। यदि इस रेखा पर कोई रेखाएं उठती हुई दिखाई दें तो वह व्यक्ति परिश्रमी और कर्मष्ठ होता है तथा अपने प्रयत्नों से भाग्य का निर्माण करता है। यदि जीवन रेखा के प्रारम्भ से ही उसके साथ-साथ सहायक रेखा चल रही हो तो ऐसा व्यक्ति सोच-समझ कर कार्य करने वाला विवेकपूर्ण योजनाएं बनाने वाला चतुर तथा महत्त्वाकांक्षी होता है। ऐसे व्यक्ति के जीवन में कुछ भी असम्भव नहीं होता। यदि जीवन रेखा चलती-चलती अचानक बीच में समाप्त हो जाती है तो यह आकस्मिक मृत्यु की ओर संकेत करती है। यदि जीवन रेखा से कोई सहायक रेखा निकल कर चन्द्र पर्वत की ओर जाती हुई दिखाई दे तो वह व्यक्ति वृद्धावस्था में पागल होता है, यदि इस रेखा में शनि रेखा आकर मिल जाए तो वह व्यक्ति प्रति- भावान और तेजस्वी होता है। जीवन रेखा के अंत में यदि किसी प्रकार का कोई बिंदु या क्रॉस दिखाई दे तो उस व्यक्ति की मृत्यु अचानक होती है। यदि जीवन रेखा अन्त में जाकर कई भागों में बंट जाए तो ऐसे व्यक्ति को बुढ़ापे में निश्चय ही क्षय रोग होगा। इससे सम्बन्धित कुछ अन्य तथ्य भी नीचे स्पष्ट किये जा रहे हैं :— १. छोटी रेखा—कम आयु। २. पीली और चौड़ी रेखा—बीमारी और विवादास्पद चरित्र। ३. लाल रेखा—हिंसा की भावना। ४. पतली रेखा—आकस्मिक मृत्यु।