भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 201, कुल 350 में से

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( २०० ) १५. कामी हाथ : यदि हथेली में शुक्र क्षेत्र बेडौल, जरूरत से ज्यादा उभरा हुआ, कोमल तथा फला हुआ हो इसके साथ ही अंगूठे का पोरु अधिक लम्बा हो तथा शुक्र पर्वत पर नक्षत्र चिह्न अंकित हो तो वह व्यक्ति जरूरत से ज्यादा कामी होता है । यदि इसके साथ ही शनि रेखा पर बिन्दु या क्रॉस हो तो वह इस क्षेत्र में बदनामी उठाता है । कामी हाथ

१६. हत्यारा : यदि हथेली में हृदय रेखा का अभाव हो तथा शुक्रवलय दोहरा हो इसके साथ ही साथ पूरा हाथ सख्त तथा मजबूत हो और अंगूठा ठिगना, मोटा तथा थुलथुला हो तो वह व्यक्ति निश्चय ही हत्यारा होता है । यदि इसके साथ ही साथ हृदय रेखा मस्तिष्क रेखा और जीवन रेखा तीनों मंगल पर्वत पर मिलती हों तो वह व्यक्ति निश्चय ही क्रूर और निर्दयी हत्यारा होगा तथा जीवन में एक से अधिक हत्याएं करेगा । हत्यारा

१७. गुप्तचर : यदि हथेली मे शनि पर्वत अविकसित हो तथा बुध पर्वत दबा हुआ हो पर भाग्यरेखा पूरी लम्बाई लिए हुए हो और मंगल पर्वत पर त्रिभुज का चिह्न लिए हुए हो तो वह व्यक्ति सफल गुप्तचर होता है । गुप्तचर

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