भारतकोश
बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

बृहत् सामुद्रिक शास्त्र एवं हस्तरेखा विज्ञान (प्राचीन ऋषि प्रणीत सानुवाद सटीक)

Vrihat Samudrika Shastra and Hastarekha Vijnana

महर्षि गर्ग एवं नारद परम्परा द्वारा

DevanagariHindipublished350 पृष्ठ

पृष्ठ 235, कुल 350 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 235

( २३४ ) रसायन शास्त्र योग : परिभाषा : बुध क्षेत्र पर बहुत अधिक खड़ी रेखाएं हों तो यह योग होता है । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह रसायन शास्त्र के क्षेत्र में प्रसिद्ध विद्वान होकर नाम कमाता है । रसायन शास्त्र योग धार्मिक योग : परिभाषा : यदि मणिबन्ध से कोई रेखा गुरु पर्वत तक जाती हो तथा उंगलियों के सिरे नोकीले हों तो धार्मिक योग होता है । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह धार्मिक क्षेत्र में उच्च पद को प्राप्त करता है तथा धार्मिक ग्रन्थ लिखकर प्रसिद्धि तथा सम्मान अर्जित करता है । धार्मिक योग अन्तर्दृष्टि योग : परिभाषा : यदि मस्तिष्क रेखा पतली तथा लम्बी होकर चन्द्र पर्वत पर पहुंचती हो तो यह योग होता है । फल : जिसके हाथ में यह योग होता है वह दूसरों के मन को पढ़ने में या बिना पूछे ही दूसरों के मन की भावना को जानने में सक्षम होता है । अन्तर्दृष्टि योग