याज्ञवल्क्य स्मृति (मिताक्षरा टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Yajnavalkya Smriti with Mitakshara Tika & Hindi Commentary
महर्षि याज्ञवल्क्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा संस्कृत संस्थान · चौखम्बा संस्कृत संस्थान (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें( ४६ ) अवस्था के अनुसार प्रायश्चित्त का नियम ५५३ गोपालक की उपेक्षा से गोहत्या का प्रायश्चित्त ५५५ स्त्रियों के प्रायश्चित्त के विषय में विशेष नियम ५५६ पुरुषों के विषय में प्रायश्चित्त के विशेष नियम ५५७ उपपातकों के प्रायश्चित्त ५५८ स्त्री, शूद्र, विट्, क्षत्र के वध का प्रायश्चित्त ५६२ स्त्रीवध का प्रायश्चित्त ५६३ अनुपपातक प्राणिवध के विषय में प्रायश्चित्त ५७० बिल्ली मारने पर प्रायश्चित्त ५७१ वृक्षादि काटने पर प्रायश्चित्त ५७३ पुंश्चली, वानर के वध का प्रायश्चित्त और उनके स्पर्श से शुद्धि का उपाय ५७५ वीर्यस्खलन का प्रायश्चित्त ५७६ ब्रह्मचारी द्वारा स्त्रीभोग का प्रायश्चित्त ५७८ स्वप्न में वीर्यपातहुने के प्रायश्चित्त का मन्त्र ५८० संन्यास से भ्रष्ट होने पर प्रायश्चित्त ,, अन्य अनुपपातक का प्रायश्चित्त ५८१ गुरु के लिए प्रायश्चित्त का विधान ५८२ सब प्रकार की हिंसा का प्रायश्चित्त ५८३ झूठा दोष लगाने पर प्रायश्चित्त ,, भ्रातृजायागमन का प्रायश्चित्त ५८५ रजस्वला पत्नी के संभोग का प्रायश्चित्त ,, अयाज्य व्यक्ति का यज्ञ कराने का प्रायश्चित्त ५८७ वेदविप्लावन का प्रायश्चित्त ५८८
स्वाध्यायत्याग का प्रायश्चित्त ५८९ अग्नित्याग का प्रायश्चित्त ,, आश्रम में न रहने का प्रायश्चित्त ५९० समुद्रयात्रा का प्रायश्चित्त ५९१ वेश्यागमन का प्रायश्चित्त ,, प्याज आदि खाने पर प्रायश्चित्त ५९३ संधिनी गाय का दूध पीने पर प्रायश्चित्त ५९५ गर्हित मांस खाने का प्रायश्चित्त ,, अपवित्र द्रव्य से स्पृष्ट वस्तु खाने का प्रायश्चित्त ५९५ बुरे विचार से प्रदत्त अन्न खाने का प्रायश्चित्त ५९९ बासी भोजन करने का प्रायश्चित्त ,, गुणदुष्टशुक्त आदि के भक्षण का प्रायश्चित्त ६०० क्रियादुष्ट अन्न के भक्षण का प्रायश्चित्त ,, एकाह्यादि श्राद्धभोजन का प्रायश्चित्त ६०३ अपुत्रादि के अन्नभक्षण का प्रायश्चित्त ६०४ जातिभ्रंश करने वाले पाप का प्रायश्चित्त ६०४ (६) प्रकीर्णकप्रायश्चित्तानि निषिद्ध दान लेने का प्रायश्चित्त ६०४ गुरु की भर्त्सना का प्रायश्चित्त ६०५ विप्र को मारने के लिए उद्यत होने पर दण्ड ६०६ पादप्रहार का प्रायश्चित्त ,, मनु द्वारा बताये गये प्रकीर्णक-प्रायश्चित्त ,, नित्य, श्रौतादि कर्म न करने पर प्रायश्चित्त ,, इन्द्रधनुष देखने का प्रायश्चित्त ६०७ यज्ञोपवीत चढ़ाये विना मलमूत्र-त्याग का प्रायश्चित्त ,,
५ या० भू०