भारतकोश
यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Yajurveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 289, कुल 421 में से

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पृष्ठ 289

उत्तरार्ध बाईसवां अध्याय समुद्राय स्वाहा सरिराय स्वाहा.. (२५) जलों के लिए स्वाहा. वारि के लिए स्वाहा. उदक के लिए स्वाहा. स्थिर जलों के लिए स्वाहा. प्रवाहितों के लिए स्वाहा. बहते जलों के लिए स्वाहा. कूप जल के लिए स्वाहा. सागर जलों के लिए स्वाहा. धारण योग्य जल के लिए स्वाहा. समुद्र जलों के लिए स्वाहा. सरोवर के लिए स्वाहा. ( २५ ) वाताय स्वाहा धूमाय स्वाहाभ्राय स्वाहा मेघाय स्वाहा विद्योतमानाय स्वाहा स्तनयते स्वाहावस्फूर्जते स्वाहा वर्षते स्वाहाववर्षते स्वाहोग्रं वर्षते स्वाहा शीघ्रं वर्षते स्वाहोद्गृह्णते स्वाहोद्गृहीताय स्वाहा पृष्णते स्वाहा शीकायते स्वाहा पृष्वाभ्यः स्वाहा ह्रादुनीभ्यः स्वाहा नीहाराय स्वाहा.. (२६) वायु के लिए स्वाहा. धुएं के लिए स्वाहा. विद्युत् वाले के लिए स्वाहा. गर्जने वाले के लिए स्वाहा. वर्षक के लिए स्वाहा. कमवर्षक के लिए स्वाहा. अति वर्षक के लिए स्वाहा. शीघ्र वर्षक के लिए स्वाहा. ऊपर उठने वाले के लिए स्वाहा. ऊपर से जलग्राही के लिए स्वाहा. बूंदाबांदी के लिए स्वाहा. घनघोर वर्षक के लिए स्वाहा. गड़गड़ाहट वाले के लिए स्वाहा. कोहरे वाले के लिए स्वाहा. सभी मेघों के लिए स्वाहा. ( २६ ) अग्नये स्वाहा सोमाय स्वाहेन्द्राय स्वाहा पृथिव्यै स्वाहान्तरिक्षाय स्वाहा दिवेस्वाहा दिग्भ्यः स्वाहाशाभ्यः स्वाहोर्ध्वै दिशे स्वाहावार्वाच्यै दिशे स्वाहा.. ( २७) अग्नि के लिए स्वाहा. सोम के लिए स्वाहा. इंद्र के लिए स्वाहा. पृथ्वी के लिए स्वाहा. अंतरिक्ष के लिए स्वाहा. स्वर्ग के लिए स्वाहा. दिशाओं के लिए स्वाहा. उपदिशा के लिए स्वाहा. अपर दिशाओं के लिए स्वाहा. नीच दिशा के लिए स्वाहा. ( २७ ) नक्षत्रेभ्यः स्वाहा नक्षत्रियेभ्यः स्वाहाहोरात्रेभ्यः स्वाहार्धमासेभ्यः स्वाहा मासेभ्यः स्वाहा ऋतुभ्यः स्वाहर्तवेभ्यः स्वाहा संवत्सराय स्वाहा द्यावापृथिवीभ्या ँ स्वाहा चन्द्राय स्वाहा सूर्याय स्वाहा रश्मिभ्यः स्वाहा वसुभ्यः स्वाहा रुद्रेभ्यः स्वाहादित्येभ्यः स्वाहा मरुद्भ्यः स्वाहा विश्वेभ्यो देवेभ्यः स्वाहा मूलेभ्यः स्वाहा शाखाभ्यः स्वाहा वनस्पतिभ्यः स्वाहा पुष्पेभ्यः स्वाहा फलेभ्यः स्वाहौषधीभ्यः स्वाहा.. ( २८) नक्षत्रों के लिए स्वाहा. नक्षत्रों से संबंधित देवताओं के लिए स्वाहा. दिनरात के लिए स्वाहा. अर्द्धमास के लिए स्वाहा. मास के लिए स्वाहा. ऋतुमास के लिए स्वाहा. ऋतु से उत्पन्नो के लिए स्वाहा. वर्ष के लिए स्वाहा. स्वर्ग के लिए स्वाहा. पृथ्वी के लिए स्वाहा. चंद्र के लिए स्वाहा. सूर्य के लिए स्वाहा. किरणों के लिए स्वाहा. वसुओं के लिए स्वाहा. रुद्रों के लिए स्वाहा. आदित्यों के लिए स्वाहा. मरुतों के लिए स्वाहा. सभी देवों के लिए स्वाहा. शाखाओं के लिए स्वाहा. यजुर्वेद - २८१