भारतकोश
यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Yajurveda Samhita with Hindi Translation

डा. रेखा व्यास द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished421 पृष्ठ

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पृष्ठ 291

उत्तरार्ध बाईसवां अध्याय आयुर्यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहा प्राणो यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहापानो यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहा व्यानो यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहोदानो यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहा समानो यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहा चक्षुर्यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहा श्रोत्रं यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहा वाग्यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहा मनो यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहात्मा यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहा ब्रह्मा यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहा ज्योतिर्यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहा स्वर्यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहा पृष्ठं यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहा यज्ञो यज्ञेन कल्पता ४ स्वाहा.. ( ३३) यज्ञ से आयु वृद्धि के लिए स्वाहा. यज्ञ से प्राण वृद्धि के लिए स्वाहा. यज्ञ से अपान वृद्धि के लिए स्वाहा. यज्ञ से व्यान वृद्धि के लिए स्वाहा. यज्ञ से उदान वृद्धि के लिए स्वाहा. यज्ञ से समान वृद्धि के लिए स्वाहा. यज्ञ से चक्षु बल वृद्धि के लिए स्वाहा. यज्ञ से कर्ण बल वृद्धि के लिए स्वाहा. यज्ञ से वाणी बल वृद्धि के लिए स्वाहा. यज्ञ से मन बल वृद्धि के लिए स्वाहा. यज्ञ से आत्म बल वृद्धि के लिए स्वाहा. यज्ञ से ब्रह्म बल वृद्धि के लिए स्वाहा. ज्योतिर्मय यज्ञ के लिए स्वाहा. स्वयं प्रकाशित यज्ञ के लिए स्वाहा. यज्ञ से यज्ञ वृद्धि के लिए स्वाहा. यज्ञ से अग्रवृद्धि के लिए स्वाहा. यज्ञ से तृण वृद्धि के लिए स्वाहा. ( ३३ ) एकस्मै स्वाहा द्वाभ्या ४ स्वाहा शताय स्वाहैकशताय स्वाहा व्युष्ट्यै स्वाहा स्वर्गाय स्वाहा.. ( ३४) एक के लिए स्वाहा. दो के लिए स्वाहा. सौ के लिए स्वाहा. एक सौ के लिए स्वाहा. व्यष्टि के लिए स्वाहा. स्वर्ग के लिए स्वाहा. ( ३४ ) यजुर्वेद - २९१