योगवाशिष्ठ महारामायण

योगवाशिष्ठ महारामायण
Yog Vashishta Maha Ramayan
महर्षि वाल्मीकि द्वारा
स्रोत: योगवाशिष्ठ महारामायण (हिन्दी भाषा टीका) · Archive.org (उद्गम)
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४ योगवासिष्ठ
| सर्गाङ्क | विषय | पृष्ठाङ्क | सर्गाङ्क | विषय | पृष्ठाङ्क | सर्गाङ्क | विषय | पृष्ठाङ्क |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| २५४ | जीवन्मुक्तिबाह्य-लक्षणव्यवहार | ८१० | २६६ | ब्राह्मणसद्विषयत-राज्यप्राप्ति | ८४६ | २७८ | गुरुशास्त्रउपमा | ८९५ |
| २५५ | द्वैतएकताअभाव | ८१३ | २६७ | कुन्ददन्तोपदेश | ८५३ | २७९ | विश्रामप्रकटी-करण | ८९८ |
| २५६ | स्मृतिअभावजगत्-परमाकाश | ८१६ | २६८ | कुन्ददन्तविश्राम-प्राप्ति | ८५८ | २८० | निर्माणनिरूपण | ९०७ |
| २५७ | ब्रह्मजगदेकताप्रति-पादन | ८२० | २६९ | ब्रह्मप्रतिपादन | ८६० | २८१ | चिदाकाशजगदेकता प्रतिपादन | ९०६ |
| २५८ | ब्रह्मगीतापरम-निर्वाण | ८२२ | २७० | जीवसंस्मरण | ८६८ | २८२ | जगदभाव | ९११ |
| २५९ | परमार्थगीता | ८२५ | २७१ | सब्रह्मरूपप्रति-पादन | ८७२ | २८३ | प्रश्न | ९१४ |
| २६० | ब्रह्माण्डोपाख्यान | ८२६ | २७२ | विद्यावादप्रबोधो-पदेश | ८७४ | २८४ | प्रश्नोत्तर | ९१६ |
| २६१ | ब्रह्मगीता | ८३१ | २७३ | रामविश्रान्ति | ८८५ | २८५ | द्वितीय प्रश्नोत्तर | ९१८ |
| २६२ | इन्द्राख्यान | ८३५ | २७४ | तथा | ८८७ | २८६ | राजप्रश्नोत्तर-समाप्ति | ९२० |
| २६३ | सर्वब्रह्मप्रतिपादन | ८३६ | २७५ | तथा | ८८८ | २८७ | पूर्व रामकथा | ९२३ |
| २६४ | ब्रह्मगीतोपाख्यान | ८४१ | २७६ | तथा | ८९० | २८८ | उत्साह | ९२७ |
| २६५ | ब्राह्मणकथा | ८४६ | २७७ | चिन्तामणिसमाप्ति | ८९३ | २८९ | मोक्षोपाय<br>इति | ९२८ |