योगवाशिष्ठ महारामायण
Yog Vashishta Maha Ramayan
महर्षि वाल्मीकि द्वारा
स्रोत: योगवाशिष्ठ महारामायण (हिन्दी भाषा टीका) · Archive.org (उद्गम)
✽ निर्वाण प्रकरण ✽ ६३१
दशम विलाससंवाद और एकादश वीतव । निर्वाणप्रकरण में २७ आख्यान कहे हैं—भुशुण्डि और वशिष्ठ का, महेश और वशिष्ठ का, शिलाकोश का, उपदेश अर्जुनगीता, स्वप्नसत्यरुद्र, वेताल का, भगीरथ का, गङ्गा अवतरण, शिखध्वज का, वृहस्पतिकचप्रबोध, मिथ्यापुरुष का, शृङ्गी गण का, इक्ष्वाकुनिर्वाण, मृगव्याध-दृष्टान्त, वलबृहस्पति, मङ्गीनिर्वाण, विद्याधर का, हरिणोपाख्यान, आख्यानोपाख्यान, विपश्चित् की कथा, शिवि का, शिला का, इन्द्र ब्राह्मण के पुत्रों का, कुन्ददन्त का, महा-प्रश्न उत्तरवाक्य, शिष्य-गुरु-महोत्सव और ग्रंथप्रशंसाफल, चतुष्टय-प्रकरणों में सब पचास आख्यान वर्णन किये गये हैं ।
इति श्रीयोगवासिष्ठे महारामायणे वशिष्ठरामचन्द्रसंवादे निर्वाणप्रकरणे मोक्षोपायवर्णनं नाम द्विशताधिकैकोननवतितमस्सर्गः ॥ २८६ ॥
श्रीयोगवासिष्ठ के निर्वाणप्रकरण का उत्तरार्द्ध समाप्त ।
इति
श्रीमती कमला भार्गव द्वारा—तेजकुमार प्रेस (प्रा०) लिमिटेड, लखनऊ में मुद्रित ।