अद्भुत रामायण (पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र हिन्दी टीका सहित)
Adbhut Ramayana Hindi
महर्षि वाल्मीकि (टीकाकार: पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र) द्वारा
स्रोत: Maharshi Valmiki Krit Srimad Adbhut Ramayanam with Hindi Tika by Pt. Jwala Prasad Mishra (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंश्रीगणेशाय नमः
अद्भुत रामायणम्
भाषाटीकासमेतम्
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**दोहा—**सीताराम लक्ष्मण सहित, बंदौं पवनकुमार ।
कृपाकटाक्ष विलोकि मोहिं, पूरण करहु विचार ॥
प्रथम सर्ग
रामजानकीका परब्रह्मरूपप्रतिपादन
नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम् । देवीं सरस्वतीं व्यासं ततो जयमुदीरयेत् ॥ १ ॥ नमस्तस्मै मुनींद्राय श्रीयुताय यशस्विने । शांताय वीतरागाय वाल्मीकाय नमोनमः ॥ २ ॥
नररूप नरोत्तम नारायण तथा देवी सरस्वती और व्यासजीको प्रणामकर जय शब्दका उच्चारण करना चाहिये ॥ १ ॥ मुनींद्र लक्ष्मीयुक्त यशस्वी शांत वीतराग वाल्मीकिजीके निमित्त नमस्कार है ॥ २ ॥
रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे । रघुनाथाय नाथाय सीतायाःपतये नमः ॥ ३ ॥ जयति रघुवंशतिलकः कौशल्यानंदवर्द्धनो रामः । दशवदननिधनकारी दाशरथिः पुंडरीकाक्षः ॥ ४ ॥
राम रामभद्र रामचन्द्र विधाता रघुनाथ नाथ सीतापतिके निमित्त नमस्कार है ॥ ३ ॥ रघुवंशके तिलक कौशल्याके हृदयके आनन्ददाता रावणहन्ता दशरथपुत्र कमललोचन रामकी जय हो ॥ ४ ॥