भारतकोश
अद्भुत रामायण (पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र हिन्दी टीका सहित)

अद्भुत रामायण (पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र हिन्दी टीका सहित)

Adbhut Ramayana Hindi

महर्षि वाल्मीकि (टीकाकार: पं. ज्वालाप्रसाद मिश्र) द्वारा

स्रोत: Maharshi Valmiki Krit Srimad Adbhut Ramayanam with Hindi Tika by Pt. Jwala Prasad Mishra (उद्गम)

DevanagariHindipublished173 पृष्ठ

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श्रीगणेशाय नमः

अद्भुत रामायणम्

भाषाटीकासमेतम्

**दोहा—**सीताराम लक्ष्मण सहित, बंदौं पवनकुमार ।
कृपाकटाक्ष विलोकि मोहिं, पूरण करहु विचार ॥


प्रथम सर्ग

रामजानकीका परब्रह्मरूपप्रतिपादन

नारायणं नमस्कृत्य नरं चैव नरोत्तमम् । देवीं सरस्वतीं व्यासं ततो जयमुदीरयेत् ॥ १ ॥ नमस्तस्मै मुनींद्राय श्रीयुताय यशस्विने । शांताय वीतरागाय वाल्मीकाय नमोनमः ॥ २ ॥

नररूप नरोत्तम नारायण तथा देवी सरस्वती और व्यासजीको प्रणामकर जय शब्दका उच्चारण करना चाहिये ॥ १ ॥ मुनींद्र लक्ष्मीयुक्त यशस्वी शांत वीतराग वाल्मीकिजीके निमित्त नमस्कार है ॥ २ ॥

रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे । रघुनाथाय नाथाय सीतायाःपतये नमः ॥ ३ ॥ जयति रघुवंशतिलकः कौशल्यानंदवर्द्धनो रामः । दशवदननिधनकारी दाशरथिः पुंडरीकाक्षः ॥ ४ ॥

राम रामभद्र रामचन्द्र विधाता रघुनाथ नाथ सीतापतिके निमित्त नमस्कार है ॥ ३ ॥ रघुवंशके तिलक कौशल्याके हृदयके आनन्ददाता रावणहन्ता दशरथपुत्र कमललोचन रामकी जय हो ॥ ४ ॥

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