भारतकोश
अध्यात्म रामायण

अध्यात्म रामायण

Adhyatma Ramayana

महर्षि वेदव्यास (टीकाकार: मुनीलाल) द्वारा

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श्रीजयदयालजी गोयन्दकाकी पुस्तकें—श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दारद्वारा लिखित और सम्पादित पुस्तकें—
तत्त्व-चिन्तामणि [ भाग १ ]—(सचित्र) यह ग्रन्थ परमउपयोगी है। इसके मननसे धर्ममें श्रद्धा, भगवान्‌में प्रेम और विश्वास एवं नित्यके बर्तावमें सत्य व्यवहार और सबसे प्रेम, अत्यन्त आनन्द एवं शान्तिकी प्राप्ति होती है। पृष्ठ ३५२, मूल्य ॥=) स० ॥।-)विनय-पत्रिका—सरल हिन्दी-टीका-सहित पृष्ठ ४२०, चित्र ३ सुनहरी, २ रंगीन, १ सादा मू० १) स० १।) स्वामीजीके पदोंका सरल हिन्दी भाषामें सबके समझने योग्य भावार्थ लिखा गया है, प्रचारके विचारसे मूल्य बहुत अनुकूल रक्खा गया है।
परमार्थ-पत्रावली—(सचित्र) कल्याणकारी २१ पत्रोंका छोटा-सा संग्रह, पृष्ठ १४४, मू० ।)नैवेद्य—धर्म-सम्बन्धी चुने हुए २८ लेख और ६ कविताओंका सचित्र संग्रह। मू० ॥=) स० ... ॥।-)
**गीता-निबन्धावली—**यह गीताकी अनेक बातें समझनेके लिये उपयोगी है। पृ० ८८, मू० ≡)॥**तुलसी-दल—**इसमें इतने विषय हैं कि सबके लिये कुछ-न-कुछ अपने मनकी बात मिल सकती है। पृ० २६४, मूल्य ॥) सजिल्द ... ॥=)
**गीताके कुछ जानने योग्य विषय—**गीताके कुछ विषय समझानेकी चेष्टा की गयी है, पृ० ४३, मूल्य -)॥**भक्त-बालक—**इसमें गोविन्द, मोहन, धन्ना जाट, चन्द्रहास और सुधन्वाकी कथाएँ हैं। ५ चित्र, पृ० ८०, ।-)
**सच्चा सुख और उसकी प्राप्तिके उपाय—**साकार और निराकारके ध्यानादिका रहस्यपूर्ण वर्णन मू० -)॥**भक्त-नारी—**इसमें शबरी, मीरां, जना, करमैती और रवियाकी प्रेमपूर्ण कथाएँ हैं। ६ चित्र, पृ०८०, ।-)
**गीतोक्त सांख्ययोग और निष्कामकर्मयोग—**विषय नामसे ही प्रकट है। मू० ... -)॥**भक्त-पञ्चरत्न—**इसमें रघुनाथ, दामोदर और उसकी पत्नी, गोपाल, शान्तोबा और उसकी पत्नी और नीताम्बरदासके चरित्र हैं। मू० ... ।-)
श्रीप्रेमभक्तिप्रकाश—(सचित्र) इसमें भगवान्‌की प्रार्थना तथा मानसिक पूजा आदिका वर्णन है। मूल्य -)पत्र-पुष्प—(सचित्र, कविता-संग्रह) पृष्ठ-संख्या १६, मू० ≡)॥ स० ... १)॥
**त्यागसे भगवत्प्राप्ति—**त्यागोंके द्वारा मोक्षमन्दिरकी प्राप्तिके लिये पथप्रदर्शक है। मू० -)**मानव-धर्म—**इसमें धर्मके दस लक्षणोंपर अच्छा विवेचन है। पृ० ११२ मू० ... ≡)
**भगवान् क्या हैं ?—**इसमें परमार्थतत्त्व भर देनेकी चेष्टा की गयी है। मू० ... -)साधन-पथ—सचित्र पृष्ठ ७२, मू० ... =)॥
**धर्म क्या है ?—**नामसे ही पुस्तकके विषयका पता लग जाता है। मू० ... )।**स्त्री-धर्मप्रश्नोत्तरी—**नये संस्करणमें १ तिरंगा चित्र भी हैं। पृ० ५६ मू० ... =)
**गजलगीता—**लड़कोंके गाने योग्य एवं नित्य पाठ करने योग्य सरल हिन्दीमें गजलके ढङ्गपर गीताके १२ वें अध्यायके कुछ उपदेशोंका अनुवाद है, चौथी बार ५०००० छपी है। मूल्य ... आधा पैसा**आनन्दकी लहरें—**इसमें हम दूसरोंको सुख पहुँचाते हुए खुद कैसे सुखी हों, यह बताया गया है। मू० -)॥<br>**मनको वशमें करनेके उपाय—**इसमें एक चित्र है। -)।<br>**ब्रह्मचर्य—**ब्रह्मचर्यकी रक्षाके अनेक सरल उपाय बताये गये हैं। मू० ... -)<br>**समाज-सुधार—**समाजके जटिल प्रश्नोंपर प्रकाश डाला गया है। मू० ... -)<br>**दिव्य सन्देश—**वर्तमान दाम्भिक युगमें किस उपायसे शीघ्र भगवत्-प्राप्ति हो सकती है, इसमें उसके सरल उपाय बतलाये गये हैं। मू० ... )।