भारतकोश
अष्टाङ्गहृदयम्

अष्टाङ्गहृदयम्

Ashtanga Hridayam

श्रीमद्वाग्भट द्वारा

स्रोत: चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान - निर्मला हिन्दी व्याख्या (डॉ० ब्रह्मानन्द त्रिपाठी) · चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान, दिल्ली · 1999 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished387 पृष्ठ

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( २० )

विषय

दक्षिण-वर्णन तक्र का वर्णन मस्तु का वर्णन नवनीत-वर्णन दूध का नवनीत घृत के गुण पुराने घृत के प्रयोग किलाट आदि का वर्णन उत्तम-अधम विचार

अथ इक्षुवर्गः

ईख के रस का वर्णन अगले भाग का रस यान्त्रिक रस के भेद ईख के भेद एवं गुण शतपर्वक आदि ईखों के गुण फाणित के गुण गुड़ के गुण पुराने-नये गुड़ के गुण मत्स्यण्डिका आदि के गुण यासशर्करा के गुण सभी शर्कराओं के गुण शर्करा की उत्तमता

अथ मधुवर्गः

मधु का वर्णन उष्ण मधुसेवन का निषेध संशोधन में मधु-प्रयोग

अथ तैलवर्गः

सानान्य तैल का वर्णन एण्डतेल के गुण सरसों का तेल बहेड़े की गिरी का तेल नीम की गिरी का तेल अतसी-कुसुम्भ तेल प्राणिज स्नेह

अथ मद्यवर्गः

मद्य का वर्णन नया एवं पुराना मद्य मद्य का निषेध विभिन्न सुराओं का वर्णन

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विषय

७१ वाहणी-परिचय ७१ यव ( जो से निर्मित ) सुरा ७२ बहेड़ा की सुरा ७२ कौहली सुरा ७२ मधूलक सुरा ७३ अरिष्ट-परिचय ७३ मुनक्का ( मार्ट्रिक ) आसव ७३ खाजूँ, शार्कर आसव ७३ गुड़-निर्मित आसव सीधु का वर्णन

७४ मध्वासव का वर्णन ७४ शुक्त का वर्णन ७४ गुड़ आदि शुक्त ७४ कन्द आदि शुक्त ७५ शाण्डाकी-वर्णन ७५ धान्याम्ल आदि का वर्णन ७५ सौवीरक तथा तुषोदक

अथ मूत्रवर्गः

मूत्रों का वर्णन

( ६ ) अत्रस्वरूपविज्ञानीयाध्यायः

अथ शूकधान्यवर्गः

७६ शूकधान्यों का वर्णन ८७ रक्तशालि का वर्णन ८७ क्रमशः गुणहीनता ८७ यवक आदि शालिधान्य ८७ व्रीहिधान्य का वर्णन ८७ सामान्य गुण वाले षष्ठिक ८८ अन्य व्रीहिधान्य-वर्णन ८८ तुणधान्यों का वर्णन ८८ प्रियंगुधान्य का वर्णन ८८ कोटोधान्य का वर्णन ८८ जौ का वर्णन ८९ अनुयव का वर्णन ८९ वंशज जौ का वर्णन ८९ गोधूम का वर्णन ८९ नन्दीमुखी का वर्णन

अथ शिम्बोधान्यवर्गः

८९ शिम्बोधान्य-परिचय ९० मूँग, मटर, राजमाष

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