भारतकोश
अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

अथर्ववेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Atharvaveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,063 पृष्ठ

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मरुद्गण और अग्नि देव की स्तुति ४ १३१. संकल्प की देवी आकूति की प्रशंसा १-३ १३२. देवों द्वारा कामदेव व उस की पत्नी आधि को जल में डुबोया जाना १-५ मित्र और वरुण देवों द्वारा कामदेव व उस की पत्नी आधि को जल में डुबोया जाना ५ १३३. शत्रु को मारने के लिए बांधी जाने वाली मेखला का वर्णन १-५ शत्रु के विनाश हेतु यमराज से प्रार्थना ३ १३४. वज्र का वर्णन व स्तुति १-३ १३५. वज्र का वर्णन व स्तुति १-३ शत्रु का विनाश ३ १३६. कालमाची नामक जड़ीबूटी का वर्णन व स्तुति १-३ केशों को उत्पन्न करना और दृढ़ बनाना २ १३७. वनस्पति की प्रशंसा १-३ केशों का बढ़ना ३ १३८. शक्तिहीन करने वाली जड़ीबूटी १-५ वीर्यवाहिनी नाड़ियों का नाश ४ १३९. शंखपुष्पी जड़ीबूटी का वर्णन १-५ १४०. ब्रह्मणस्पति देव और जातवेद अग्नि की स्तुति १-३ १४१. वायु, त्वष्टा, रुद्र देव आदि की गायों की वृद्धि और चिकित्सा के लिए स्तुति १-३ गायों की असीमित वृद्धि के लिए अश्विनीकुमारों की प्रशंसा ३ १४२. जौ नामक अन्न की प्रशंसा १-३ जौ को खाने और ले जाने वाले विनाश रहित हों ३ सातवां कांड सूक्त विषय मंत्र १. प्रजापति द्वारा संसार के लोगों को अपने अपने कर्म करने की प्रेरणा देना १-२ २. प्रजापति की स्तुति १ ३. प्रजापति की स्तुति १ ४. वायु देव की स्तुति १ ५. यज्ञ रूप प्रजापति की प्रशंसा १-५ ६. पृथ्वी एवं देवमाता का वर्णन १-२ ebook converter DEMO Watermarks*