भारतकोश
बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

बावन कसनी (कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई)

Bawan Kasni

सद्गुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sant Ashram Ranjari 2015 Edition · Sant Ashram Ranjari, Samba (J&K)

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बावन कसनी ( कबीर साहिब को 52 बार सजाए मौत दी गई ) \hfill 9

बाजा बाजे रहित का, पड़ा नगर में शोर।
सद्गुरु खसम कबीर है, नजर ना आवे और॥ –धर्मदास जी

बानी अरब व खरबलों, ग्रन्थाँ कोटि हज़ार।
कर्ता पुरुष कबीर है, नाभे किया विचार॥ –सन्त नाभा जी

यक अर्ज गुफतम पेश, तू दर गोश कुन करतार।
हक्का कबीर करीम तू, बेएब परवरदिगार॥ –गुरु नानक साहिब जी

कबीर कर्ता आप है, दूजा नाहीं कोय।
दादू पूर्ण जगत को, भक्ति दृढ़ावन सोय॥
दादू नाम कबीर का, जो कोई लेवे ओट।
उसको कभी न लागसी, काल बज्र की चोट॥ –दादू दयाल जी

जैसे बादल गगन में, चलते हैं बे पाँव।
ऐसे पुरुष कबीर हैं, शून्य में रहे समाव॥
गगन मण्डल से उतरे, साहिब पुरुष कबीर।
चोला धरा खवास (सेवक) का तोड़े यम जंजीर॥ –ग़रीब दास जी

इत्यादि सन्तों के शब्द प्रकट कर बता रहे हैं कि कबीर साहिब मानव नहीं थे। ऐसे तो सब लोग अपने अपने इष्ट की प्रशंसा करते हैं, बड़ाई बताते हैं पर भाईयों मेरे तर्क में वज़न है, गहराई है। साफ हृदय से एवं निष्पक्ष विचार करें! कबीर साहिब जानते थे कि लोगों ने मेरे जन्म के विषय में कई भ्रांतियाँ पैदा की हुई हैं, अन्तः चलते चलते संसार को बताकर चलते हैं कि हम क्या हैं। जैसा कि आप जानते हैं उनका अवतरण सम्वत् 1455 ज्येष्ट सुधी पूर्णिमा को हुआ। ठीक 120 वर्ष तक संसार में सत्य भक्ति का उपदेश देकर जब उन्हें वापस अपने धाम जाना था तो ऐलान किया कि मैं माघ सुधी एकादशी सम्वत् 1575 मगहर (गोरखपुर के पास) में शरीर छोड़ूँगा। उनका ऐलान सुनकर लाखों की संख्या में लोग मगहर में एकत्रित हुए, उसमें उनके प्रमुख शिष्य काशी के राजा वीरसिंह बघेल अपने दल बल के साथ आए तथा अवध के नवाब बिजली खान पठान व अनेकों शिष्यों के साथ-साथ कुछ तमाशबीन भी एकत्रित हुए। राजा-वीर सिंह ने अपने सेनापति को आदेश दिया जब कबीर साहिब अपना शरीर छोड़ें तो उनके पार्थिव शरीर को लेकर काशी चलना वहाँ मैं उनका संस्कार करके समाधि बनाऊँगा। जब यह बात बिजली खान को पता चली तो उन्होंने कहा मैं ऐसा कभी नहीं होने दूंगा क्योंकि कबीर साहिब मेरे मुर्शिद हैं मैं उन्हें मुसलमान धर्म के अनुसार क्रिया करके मज़ार बनाऊँगा। दोनों ओर से तलवारें खिंच गईं।