भारतकोश
गोपथ ब्राह्मण (अथर्ववेद - क्षेमकरणदास त्रिवेदी हिन्दी भाष्य)

गोपथ ब्राह्मण (अथर्ववेद - क्षेमकरणदास त्रिवेदी हिन्दी भाष्य)

Gopatha Brahmana with Hindi Bhashya by Pt. Kshemkarandas Trivedi

महर्षि गोपथ / पं. क्षेमकरणदास त्रिवेदी द्वारा

स्रोत: चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान · चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished600 पृष्ठ

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॥ ओ३म् ॥ प्रियं मा कृणु देवेषु प्रियं राजसु मा कृणु । प्रियं सर्वस्य पश्यत उत शूद्र उतार्ये ॥ १ ॥ अथर्व० १९।६२।१ ॥ प्रिय मोहि करौ देव तथा राज समाज में। प्रिय सब दृष्टि वाले औ शूद्र और अर्य में ॥ Make me beloved the Gods, beloved among the princes, make. Me dear to every one who sees, To sudra and to Aryanman, Griffith's Trans, Atharva 19. 62. 1