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हित चौरासी (गोस्वामी हित हरिवंश - राधासुधानिधि एवं ललितचरण गोस्वामी सविस्तार सटीक)

हित चौरासी (गोस्वामी हित हरिवंश - राधासुधानिधि एवं ललितचरण गोस्वामी सविस्तार सटीक)

Hit Chaurasi of Goswami Hit Harivansh with Commentary

गोस्वामी हित हरिवंश द्वारा

DevanagariHindipublished275 पृष्ठ

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६ • • हित चौरासी में की गई थी परन्तु पीछे पूज्य महाराज जी इसके प्रकाशन से विरत हो गये। यह टीका रसिक प्रेमियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी इस भावना से हम प्रकाशित कर रहे हैं। इससे किसी भी प्रेमी उपासक को थोड़ा भी लाभ हुआ तो हम अपना प्रयास सफल मानेंगे। ग्रन्थ के प्रकाशन का श्रेय एकमात्र मेरे गुरुभ्राता संत श्री मृदुल माधव दास जी को ही जाता है। उनकी इस सेवा से वे अपने गुरु के और निकट एवं प्रिय हो गये हैं। इसी तरह पूज्य महाराज जी के अन्य ग्रन्थों को प्रकाशित करने में रुचि लेते रहें ऐसी उनसे प्रार्थना है। हम श्रीहरिनाम प्रेस के भी आभारी हैं जिन्होंने अपने सौहार्दपूर्ण व्यवहार से ग्रन्थ को शीघ्र प्रकाशित कर दिया। – श्रीकमल दास