कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
कबीर साहेब द्वारा
स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
पृष्ठ 1142, कुल 1367 में से
संदर्भ में पढ़ेंतपस्वीकी कथा ।
इसी पुस्तकमें लिखा है कि, एक पुरुष उलटा लटक रहा था, उससे उसका आशय यह था कि, तीन लोकका राज्य मिले, पर उसकी स्त्री इस हेतु तपस्या कर रही थी कि, मेरा पति मेरे घरसे बाहर न जावे। दोनोंकी कामना पूर्ण हुई, उस पुरुषने तो सातों द्वीपका राज्य पाया उसकी स्त्रीके जानते उसका पति उसके घरसे बाहर न गया। घरके भीतरही उसे सात द्वीपका राज्य मिला।
तपस्वी गाधको माया दर्शन ।
एक समय कर्मकाण्डी विद्वान् सरयू नदीमें खड़ा होकर तपस्या कर रहा था, अत्यन्त कष्टसे तपस्याके सिद्ध होनेपर विष्णु भगवान् प्रसन्न हुये दर्शन देकर बोले कि, बर माँगो। तपस्वीने कहा कि, आपकी मायाका कौतुक देखना चाहता हूँ। भगवानने कहा कि, ऐसाही होगा। इतना कहकर भगवान तो अन्तर्धान हो गये। तपस्वीने पानीमें स्नान करनेके लिये डुबकी लगाई तो क्या देखता है कि, वह सपरिवार है अपने घरपर बीमार होकर भर गया है, उसके घरके लोग रोते हुए शोक करते हैं। रीतिके अनुसार उसकी अन्तिम क्रिया हुई, श्राद्ध आदिक भली प्रकारसे किये गये। अब क्या देखता है कि, एक भङ्गीके घरमें जन्म लिया जहाँ इसका गज नाम रखा गया। सोलह वर्षकी अवस्था होने पर एक सुन्दरीके साथ विवाह हुआ, आनन्दपूर्वक उसके साथ जीवन व्यतीत करने लगा। इसके कुछ दिन बीत जानेपर तपस्या करनेकी इच्छा हुई, जङ्गलमें रहकर तपस्या करने लगा। कुछ दिनके बाद स्त्री आदिक सब मर गये, उसके शोकमें देश त्यागकर दूसरे देशको चला गया, जिस देशमें वह पहुँचा वहाँ का राजा सन्तानहीन मर गया था। वहाँके लोगोंने रीत्यानुसार एक हाथीके सृङ्गमें मोतियोंका माला दे दी ऐसा निश्चय कर लिया कि, यह हाथी जिसको माला पहनावेगा उसीको राजा बनाऊँगा। उसी समय जब कि, गज उस देशमें पहुँचा कारंवाई हो रही थी, उस हाथीने इस भङ्गी (गज) के गलेमें माला डाल दी। अब गजकी दयासे उस देशका राजा बन गया। अब वहाँ उसका नाम “कौल” रखा गया। बहुत दिनोंतक आनन्द पूर्वक राज्य करनेके बाद एक दिन राजा कौल नग्न शरीर फिर रहा था कि, उसीके वंशका कोई पुरुष भङ्गी वहाँ आ निकला। उसने राजा कौलको पहचान कर कहा, भाई गज ! इतने दिनों तक कहाँ रहे, किस प्रकार अपना जीवन व्यतीत किया, आजका दिन कँसा अच्छा है कि, बहुत दिनोंके विरेछ हुये मित्रसे भेंट होगई। वे दोनों खड़े वार्तालाप कर रहे थे, बहुतसे लोगोंने उनको