भारतकोश
कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

कबीर साहेब द्वारा

स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

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भाषामें भी साम नाम गीतका है इसी लिये अंग्रेजीमें 'साम्स आफ डेविड' दाऊदकी गीतको कहते हैं, साम कहिये गीत और डेविड नाम दाऊदका है, अतः इस ज़बूरको सामवेद जानना चाहिये ।

त्रैसठवाँ प्रकरण

तीसरी किताब इञ्जीलका वृत्तान्त ।

यह इञ्जील ईसा नबीको उत्तरी । इस इञ्जीलको यजुर्वेद मानना चाहिये, अतः ये तीन किताब तो तीन वेदोंसे हैं, इन तीनों वेदोंको और इनके गुण मिलाकर देख लेना चाहिये ।

चौसठवाँ प्रकरण

चौथी किताब कुरानका वृत्तान्त ।

अन्तिम पैगम्बर हजरत मोहम्मद रसूलिल्लाह साहबके निमित्त कुरान उत्तरी यह किताब अथर्वण वेदसे है, यह अथर्वण वेदही है । जो बातें अथर्वण वेदमें हैं सोई बातें कुरानमें हैं । इस बातके प्रमाण अल्ला उपनिषदमें देखो, जो कोई अथर्वण वेदके अल्लाह उपनिषदको पढ़ेगा, स्पष्ट जान जावेगा कि यह कुरान वास्तवमें अथर्वण वेद है । अल्लो उपनिषदमें अल्लाके नाम और मुहम्मद रसूलिल्लाहकी स्तुति और उनके प्रतापकी स्तुति वर्णित है जो बातें कुरानमें हैं सो सब अल्ला उपनिषदमें तथा अथर्वण वेदमें हैं । यह कबीर साहबका बचन है कि, कुरान अथर्वण वेद है ।

पैंसठवाँ प्रकरण

आठ वेदोंका वर्णन ।

यह तो चारों किताबें पश्चिमी चार वेद हैं, पूर्वीय चारों वेदों सहित बही, संसारके पथदर्शक ठहरे । इन्हीं आठों वेदके आदेशानुसार सर्व मनुष्य चलते हैं एक जाति दूसरे जातिके साथ लड़ती और झगड़ती और एक दूसरेसे अपनेको अच्छा ठहराती है, अपनेको सत्यवादिनी तथा दूसरेको झूठी कहती है, उनको इस बातकी तनिक भी सुध नहीं है कि, उन सबका बनानेवाला एकही है तथा सबमें एकही बात है । ये आठों निरञ्जनकी ओरसे हैं, मनुष्योंको यह सुधही नहीं रही कि इन आठों वेदोंसे वे कैसे त्राण पासकते हैं । जिस अवस्थामें कि, आठों वेद स्वयम् धोखेमें पड़ रहे हैं, ऐसी अवस्थामें वे किस प्रकार मुक्तिमार्ग बता सकते हैं । इन वेदोंने न