कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
कबीर साहेब द्वारा
स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
पृष्ठ 1326, कुल 1367 में से
संदर्भ में पढ़ें६-जिसको कैलाशचन्द्र मन्ना बी० ए० और देवेन्द्रनाथ राय बी० ए० आफ एल० एम० एस० कालेज भवानीपुरन भारतके इतिहासका संक्षेप लिखा है। उसके एकसौ पाँच पृष्ठमें लिखा है कि, रामानन्दके बारह शिष्योंमें कबीर बड़ेही सुप्रख्यात हुए। नानकने सर्व धार्मिक युक्तियाँ कबीर साहबसे ही सीखा हैं।
उसी पुस्तकके एकसौ आठ पृष्ठमें लिखा है कि, नानकने सिक्ख धर्म पन्द्रहवीं शताब्दीमें स्थापित किया, उन्होंने सब धार्मिक रीतियाँ कबीर साहबसे सीखीं। पृष्ठ १०८
(7) "The Indian Empire" by W. Hunter C. I. E. L. L.D. page 194 writes of the miracles of Kabir.
Further one he (Hunter) gives an account of Kabir and his doctrines and about Nanak & c. Page 203 & 204.
७-डबल्यू० हण्टर सी० आइ० ई० एल० एल० डी० ने अपनी इण्डियन इम्पायर पुस्तकके एक सौ चौरानवे पृष्ठमें कबीर साहबके कौतुकोके विषयमें लिखा है। फिर इसी पुस्तकके २०३ और २०४ पृष्ठमें कबीर साहब तथा नानक शाहके विषयमें लिखा है।
(8) "A History of the Sikhs" from the origin of the nation to the battles of Satluj, by Joseph Cunningham, Lieutenant Engineer and Captain in the army of India in page 41 from 13th line writes thus—
"Nor it is improbable that the homilies of Kabir and Gorakh had fallen upon his (Nanak's) susceptible mind with a powerful and enduring effect. (Note) Extractions from the writings of Kabir appear in "Adi Granth" and Kabir is often and Gorakh sometimes noted or referred to."
८ "सिक्खोंका इतिहास" इस जातिके आरम्भसे लेकर सतलजकी लड़ाई तकका इतिहास जोसेफ़ डेवी किंथम साहब लेफ़टेन्ट इनजीनियर और कप्तान फौज हिंदुस्थानने लिखा है। स्वामी रामानन्द, गोरख नाथ और कबीर साहबकी धार्मिक कर्तव्योंका मुफ़्तिसल हाल ४१ पृष्ठ १३ पंक्तिते लिखते हैं—सम्भव है कि कबीर और गोरखकी शिक्षाने नानकके अन्तःकरण पर बड़ाभारी और स्थिर प्रभाव डाला है।
(नोट) कबीर साहबकी बाणी आदि ग्रन्थमें बहुत स्थानपर मौजूद है। कबीर साहबका और प्रायः गोरखनाथका प्रमाण स्थान स्थानपर दिया है।
नानक साहबके कृत्योंमेंसे अपजी सबसे अधिक प्रसिद्ध है जिसकी टोका बहुत लोगोंने अपनी बुद्धि अनुसार की है पर उनका कहना यह है—