कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
कबीर साहेब द्वारा
स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
पृष्ठ 748, कुल 1367 में से
संदर्भ में पढ़ेंन हों मैं स्वेच्छा पूर्वक मरूँ। खुदाने आपकी प्रार्थना स्वीकार की। जब आपकी मृत्युका समय आया तब आपकी आत्मा निकालने, अत्यन्त बृद्ध मनुष्यका स्वरूप धारण करके इजराईल फिरिश्ता आया। आपने उस मनुष्यको देखा तो बड़ी प्रतिष्ठा और सम्मानसे बैठ गया। बड़ी मय्यर्था सहित उसके समक्ष भोजन रखे, खाना खानेको कहा। वह बृद्ध जब भोजन करने लगा तब उसका हाथ बहुत कौपता था। जब वह कोई ग्रास उठाता और मुँहकी ओर ले जाता तो कैंपकैंपीके कारण कभी वह ग्रास उसके कानमें जा पड़ता कभी आँखोंमें कभी नाकपर यदि कभी कोई ग्रास मुँहमें पड़ जाता तो उसी समय वह पायखाना फिर देता था। इस बूढ़े की यह अवस्था देखकर इबराहीमने उससे पूछा कि, आपका वय क्या है, तब वह बोला कि, तुमसे मेरा वय दो वर्ष अधिक है। यह बात सुनकर इबराहीमके मनमें बड़ी चिन्ता हुई कि, दो वर्षके उपरान्त मेरी भी यही दशा होगी। इस जीवनसे तो मरनाही उत्तम होगा। तब आपने भयभीत होकर खुदासे प्रार्थना की "हे खुदा ! अब मेरी आत्मा मेरे शरीरसे निकाल"। उसी समय इजराईलने कपट करके इबराहीमकी जान निकाल ली। इबराहीम इजराईलके छलसे पूर्णतया अनभिज्ञ रहे अन्त तक उसको न पहचान सके ?
४ हजरत इसहाक-इबराहीमके पीछे उनके पुत्र इसहाकको पेंगम्बरकी पदवी मिली। देखो तौरीतमें उत्पत्ति के (२७) और (२८) बाबमें लिखा है कि, जब हजरत इसहाकके बुढ़ापेका समय था। आपको आँखोंसे दिखाई न देता था आपके दो पुत्र थे, बड़ेका नाम ईसू और छोटे का नाम याकूब था। एक दिन बड़े बेटे ईसूसे कहने लगे कि, ऐ बेटे ! आज तू मेरे वास्ते भोजन लेआ जिसमें मैं भोजन करके तुझे बरकत दूँ। यह बात सुनकर ईसू शिकारके लिये चला। कारण यह कि, ईसूको शिकारका मास प्रिय था और वह बड़ा शिकारी भी था।
५ हजरत याकूब या इसराईल इसहाककी स्त्री रबका थी उसने जाना कि, आजके दिन इसहाक ईसूको बरकत देगा। रबका अपने छोटे पुत्र याकूबको ईसूसे अधिक चाहती थी। उसने याकूबसे कहा कि, ऐ पुत्र ! आजके दिवस तुम्हारा पिता ईसूको बरकत देगा इस कारण तू जा और बकरीका एक बच्चा ले आ क्योंकि, याकूब एक चरवाहा था। याकूब तुरन्त ले आया, रबकाने तुरन्तही उस बकरीके कें बच्चेको मार कर पका डाला। बड़ा स्वादिष्ट मांस बनाया अच्छे स्वादिष्ट भोजन बनाये। याकूबको ईसूका वस्त्र पहनाया, ईसूके शरीरमें बाल थे, याकूबका शरीर साफ था इस कारण याकूबकी देह जहाँ खुली थी हाथ और गरदन इत्यादि उस जगह पर रबकाने बकरीके बच्चेकी खाल लपेट दी। जिसमें