कामसूत्रम् (जयमङ्गला व्याख्या एवं हिन्दी टीका सहित)

कामसूत्रम् (जयमङ्गला व्याख्या एवं हिन्दी टीका सहित)
Kamasutram of Vatsyayana with Hindi Commentary
महर्षि वात्स्यायन / यशोधर इन्द्रपाद द्वारा
DevanagariSanskritpublished353 पृष्ठ
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४ कामसूत्रस्य
| पृ० | पृ० | |
|---|---|---|
| ४२ स्त्रीषु सिद्धाः पुरुषाः प्रकरणम् | २२७ | २२८ |
| ४३ अयत्नसाध्या- | ||
| योषितः ,, | २२८ | २३० |
| २ अध्याये | ||
| ४४ परिचयकारणम् | ||
| अभियोगाः ,, | २३१ | २३७ |
| ३ अध्याये | ||
| ४६ भावपरीक्षा ,, | २३७ | २४२ |
| ४ अध्याये | ||
| ४७ दूतीकर्म ,, | २४३ | २५४ |
| ५ अध्याये | ||
| ४८ ईश्वरकामितम् ,, | २५५ | २६२ |
| ६ अध्याये | ||
| ४९ आन्तःपुरिकावृत्तं- | ||
| दाररक्षिकम् ,, | २६२ | २६९ |
| २६९ | २७१ |
६ अधिकरणे
| पृ० | पृ० | |
|---|---|---|
| १ अध्याये | ||
| ५० सहायगम्यागम्यगम- | ||
| नकारणचिन्ता प्रकरणम् | २७२ | २७८ |
| ५१ गम्योपावर्त्तनम् ,, | २७८ | २८१ |
| २ अध्याये | ||
| ५२ कान्ताऽनुवृत्तम् ,, | २८१ | २९१ |
| ३ अध्याये | ||
| ५३ अर्थागमोपायाः ,, | २९१ | २९५ |
| ५४ विरक्तप्रतिपत्तिः ,, | २९५ | २९७ |
| ५५ निष्कासनक्रमः ,, | २९७ | ३०० |
| ४ अध्याये | ||
| ५६ विशीर्णप्रति- |