भारतकोश
कथासरित्सागर : प्रथम खण्ड (लम्बक १ से ५)

कथासरित्सागर : प्रथम खण्ड (लम्बक १ से ५)

महाकवि सोमदेव भट्ट द्वारा

स्रोत: कथासरित्सागर : प्रथम खण्ड (लम्बक १ से ५) · बिहार राष्ट्रभाषा परिषद्, पटना · 1960 (उद्गम)

DevanagariHindipublished876 पृष्ठ

पृष्ठ 257, कुल 876 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 257
  • `ततः प्रव्राजिकावादीत् सिद्धद्वीपान्तरागता ।` * इह स्थिता वणिक्पुत्रास्तर्हि तानानयामि ते ॥१३८॥ * `इत्युक्त्वा सा प्रमुदिता ययौ प्रव्राजिका गृहम् ।` * सा च देवस्मिता स्वैरं स्वचेटीरित्युमापत ॥१३९॥ -> Wait, स्वचेटीरित्युमापत? No, स्वचेटीरित्युवाच ह? Let's look: स्वचेटीरित्युमापत? No, स्वचेटीरित्युवाच ह? Let's look at the letters: स्व चे टी रि त्यु मा ? No, स्वचेटीरित्युवाच ह? Let's look at the letters: स्वचेटीरित्युमापत? No, स्वचेटीरित्युवाच ह? Let's look at the letters: स्वचेटीरित्युमापत? No, स्वचेटीरित्युवाच ह? Let's look at the letters: स्वचेटीरित्युमापत? No, स्वचेटीरित्युवाच ह? Let's look at the letters: `स्वचेटीरित