भारतकोश
माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)

माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)

Madhava Nidana with Madhukosha & Hindi Translation

माधवकर द्वारा

स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished404 पृष्ठ

पृष्ठ 206, कुल 404 में से

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पृष्ठ 206

( १८८ ) माधवनिदान । शुक्राश्मरीके लक्षण । शुक्राश्मरी तु महतां जायते शुक्रधारणात् ॥ ११ ॥ स्थाना- च्च्युतममुक्तं हि मुष्कयोरन्तरेऽनिलः । शोषयत्युपसंहृत्य शुक्रं तच्छुष्कमश्मरी ॥ १२ ॥ बस्तिरुक्कूच्छ्रमूत्रत्वं मुष्क- श्वयथुकारिणी । तस्यामुत्पन्नमात्रायां शुक्रमेति विली- यते ॥ १३ ॥ पीडिते त्ववकाशोऽस्मिन्नश्मर्येव च शर्करा । शुक्राश्मरी पथरी यह शुक्र ( वीर्य ) के रोकनेसे बडे मनुष्योंको ही होती है । मैथुन करनेके समय अपने स्थानसे चलायमान होगया वह वीर्य उस समय मैथुन न करे तब शुक्र (वीर्य) बाहर नहीं निकले, भीतर ही रहे तब वायु उस शुक्रको उठाकर सुखा देता है। उसीको शुक्रजाश्मरी कहते हैं। इस करिके अंडकोषोंमें सूजन, वस्तिमें पीडा और मूत्रकृच्छ्रता होती है। शुक्राश्मरीकी आदिमें लिंग और अंडकोष पेडु इनमें पीडा होती है। वीर्यके नाश होनेके कारण पथरीकी नाईं शर्करा उत्पन्न होती है ॥ पथरीशर्कराके उपद्रव । अणुशो वायुना भिन्ना सा तस्मिन्ननुलोमगे ॥ १४ ॥ निरेति सह मूत्रेण प्रतिलोमे विबध्यते । मूत्रस्रोतःप्रवृत्ता सा सक्ता कुर्यादुपद्रवान् ॥ १५ ॥ दौर्बल्यं सदनं कार्श्यं कुक्षिशूल- मथारुचिम् । पाण्डुत्वमुष्णवातं च तृष्णां हृत्पीडनं वमिम् ॥ १६॥ वायु बस्तिमें अनुलोमगतिसे प्रवेश होय तौ वह शर्करा वायुकरके छोटी २ इकट्ठी होकर मूत्रके साथ बाहर निकले, और यदि वायु प्रतिलोम होय तो मूत्रमार्गको रोक दे, यदि मूत्रमार्गमें प्राप्त होय तो मूत्रके बहनेवाले छिद्रोंको रोक दे, फिर इतने उपद्रवोंको प्रगट करे । दुर्बलता, ग्लानि, कृशता, कूखमें शूल, अरुचि, पाण्डुरोग, उष्णवात, प्यास, हृदयमें पीडा, वमन ये सब उपद्रव होयँ ॥ असाध्य लक्षण । प्रशूननाभिवृषणं बद्धमूत्रं रुजान्वितम् । अश्मरी क्षपयत्याशु शर्करा सिकतान्विता ॥ १७ ॥ जिसकी नाभि और वृषण सूजजाय, मूत्र उतरे नहीं, शूलसे पीडित होय ऐसे पुरुषके शर्करा और सिकतायुक्त पथरी प्राणनाश करै ॥ इति श्रीपण्डितदत्ताराममाथुरनिर्मितमाधवार्थबोधिनिमाथुरीभाषा- टीकायामश्मरीनिदानं समाप्तम् ॥ CC-0. JK Sanskrit Academy, Jammmu. Digitized by S3 Foundation USA

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