पृष्ठ 7विषयानुक्रमणिका । ( ५ )
विषय. पृष्ठांक. | विषय. पृष्ठांक.
अजीर्णनिदानम् । | साध्य होनेके कारण ८४
अजीर्णके कारण ६९ | दोषभेदसे साध्यासाध्य लक्षण ८५
आमादिक अजीर्णोंके लक्षण ७० | रक्तपित्तके उपद्रव, असाध्य लक्षण ,,
विदग्धाजीर्णके लक्षण, विष्टब्ध अजीर्णके लक्षण ,, | दूसरे असाध्य लक्षण ८६
रसशेष अजीर्णके लक्षण, अजीर्णके उपद्रव ,, | राजयक्ष्मनिदानम् ।
बहुत भोजन ही अजीर्णका हेतु है ७१ | राजयक्ष्माकी विशिष्टसम्प्राप्ति ८७
विषूचिकाकी निरुक्ति ,, | राजयक्ष्माके पूर्वरूप, त्रिरूपक्षयके लक्षण ८८
विषूचिकाके लक्षण, अलसकके लक्षण ७२ | एकादशरूप षड्रूप और त्रिरूप शोषके लक्षण ,,
विलम्बिकाके लक्षण ,, | साध्यासाध्य विचार, असाध्य लक्षण ८९
अजीर्ण जन्य आमके दूसरे कार्यान्तर ,, | कौनसे रोगीको औषध देना योग्य है? ९०
विषूचिका और अलसक इनके असाध्य लक्षण ७३ | असाध्य लक्षण ,,
अजीर्ण जाता रहा उसके लक्षण ,, | व्यवायशोषीके लक्षण ,,
कृमिरोगनिदानम् । | शोकशोषीके लक्षण, जराशोषीके लक्षण ९१
बाह्यकृमियोंके नाम, कृमिरोगका कारण ७४ | अध्वप्रशोषीके लक्षण ,,
कौन कारणसे कौनसी कृमि प्रगट होती है ,, | व्यायामशोषीके लक्षण ९२
पेटमें कृमि पडगई हों उसके लक्षण ७५ | व्रणशोष होनेके तीन कारण ,,
कफकी कृमिके लक्षण ,, | उरःक्षतका पूर्वरूप ९३
रुधिरकी कृमिके लक्षण ७६ | क्षतक्षीणेके असाध्य लक्षण, साध्यलक्षण ९४
विष्ठासे प्रगट कृमिके लक्षण ,, | कासनिदानम् ।
पाण्डुरोगनिदानम् । | कारण सम्प्राप्ति और निरुक्ति ९४
पाण्डुरोगके कारण और सम्प्राप्तिके लक्षण ७७ | कासका पूर्वरूप, वातकी खांसीके लक्षण ९५
पाण्डुरोगके पूर्वरूप, वातपांडुरोगके लक्षण ,, | पित्तकी खांसीके लक्षण, कफकी खांसीके लक्षण ,,
पित्तजपांडुरोगके लक्षण, कफपांडुरोगीके लक्षण ७८ | क्षतकासलक्षण, क्षयकी खांसीके लक्षण ९६
सन्निपातयुक्त पांडुरोगके असाध्य लक्षण ,, | साध्यासाध्यविचार ९७
मिट्टीखानेसे प्रगट पांडुरोगकी सम्प्राप्ति ,, | हिक्का-श्वासनिदानम् ।
पांडुके विशेष लक्षण, असाध्य पांडुरोगके लक्षण ७९ | हिक्काका स्वरूप और निरुक्ति ९८
कामलाके लक्षण ८० | हिक्काके भेद और सम्प्राप्ति ,,
कुम्भकामलाके लक्षण ८१ | हिक्काके पूर्वरूप, अन्नजाके लक्षण ,,
असाध्य कामलाके लक्षण ,, | यमलाके लक्षण, क्षुद्राके लक्षण ९९
कुम्भकामलाके असाध्य लक्षण ८२ | गंभीराके लक्षण, महती हिचकीके लक्षण ,,
हलीमक रोगके लक्षण ,, | हिचकीके असाध्य लक्षण ,,
पानकी लक्षण ,, | यमिकाके असाध्य लक्षण, यमिकाके साध्य लक्षण १००
रक्तपित्तनिदानम् । | श्वासनिदानम् ।
रक्तपित्तका पूर्वरूप, कफयुक्त रक्तपित्तके लक्षण ८३ | श्वासके पूर्वरूपके लक्षण १००
वातिक रक्तपित्तके लक्षण ,, | श्वासरोगकी सम्प्राप्ति, महाश्वासके लक्षण १०५
पैत्तिक रक्तपित्तके लक्षण ,, | ऊर्ध्वश्वासके लक्षण ,,
द्विदोषजादि रक्तपित्तके लक्षण ८४ | ऊपरकोही श्वास ले नीचे नहीं आवे यह जो
ऊर्ध्वगादिकोंका साध्यासाध्यविचार ,, | कहा उसमें कारण ,,