भारतकोश
माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)

माधव निदान (मधुकोश व्याख्या व हिन्दी अनुवाद सहित)

Madhava Nidana with Madhukosha & Hindi Translation

माधवकर द्वारा

स्रोत: खेमराज श्रीकृष्णदास · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished404 पृष्ठ

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विषयानुक्रमणिका । ( ५ )

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अजीर्णनिदानम् । | साध्य होनेके कारण ८४ अजीर्णके कारण ६९ | दोषभेदसे साध्यासाध्य लक्षण ८५ आमादिक अजीर्णोंके लक्षण ७० | रक्तपित्तके उपद्रव, असाध्य लक्षण ,, विदग्धाजीर्णके लक्षण, विष्टब्ध अजीर्णके लक्षण ,, | दूसरे असाध्य लक्षण ८६ रसशेष अजीर्णके लक्षण, अजीर्णके उपद्रव ,, | राजयक्ष्मनिदानम् । बहुत भोजन ही अजीर्णका हेतु है ७१ | राजयक्ष्माकी विशिष्टसम्प्राप्ति ८७ विषूचिकाकी निरुक्ति ,, | राजयक्ष्माके पूर्वरूप, त्रिरूपक्षयके लक्षण ८८ विषूचिकाके लक्षण, अलसकके लक्षण ७२ | एकादशरूप षड्रूप और त्रिरूप शोषके लक्षण ,, विलम्बिकाके लक्षण ,, | साध्यासाध्य विचार, असाध्य लक्षण ८९ अजीर्ण जन्य आमके दूसरे कार्यान्तर ,, | कौनसे रोगीको औषध देना योग्य है? ९० विषूचिका और अलसक इनके असाध्य लक्षण ७३ | असाध्य लक्षण ,, अजीर्ण जाता रहा उसके लक्षण ,, | व्यवायशोषीके लक्षण ,, कृमिरोगनिदानम् । | शोकशोषीके लक्षण, जराशोषीके लक्षण ९१ बाह्यकृमियोंके नाम, कृमिरोगका कारण ७४ | अध्वप्रशोषीके लक्षण ,, कौन कारणसे कौनसी कृमि प्रगट होती है ,, | व्यायामशोषीके लक्षण ९२ पेटमें कृमि पडगई हों उसके लक्षण ७५ | व्रणशोष होनेके तीन कारण ,, कफकी कृमिके लक्षण ,, | उरःक्षतका पूर्वरूप ९३ रुधिरकी कृमिके लक्षण ७६ | क्षतक्षीणेके असाध्य लक्षण, साध्यलक्षण ९४ विष्ठासे प्रगट कृमिके लक्षण ,, | कासनिदानम् । पाण्डुरोगनिदानम् । | कारण सम्प्राप्ति और निरुक्ति ९४ पाण्डुरोगके कारण और सम्प्राप्तिके लक्षण ७७ | कासका पूर्वरूप, वातकी खांसीके लक्षण ९५ पाण्डुरोगके पूर्वरूप, वातपांडुरोगके लक्षण ,, | पित्तकी खांसीके लक्षण, कफकी खांसीके लक्षण ,, पित्तजपांडुरोगके लक्षण, कफपांडुरोगीके लक्षण ७८ | क्षतकासलक्षण, क्षयकी खांसीके लक्षण ९६ सन्निपातयुक्त पांडुरोगके असाध्य लक्षण ,, | साध्यासाध्यविचार ९७ मिट्टीखानेसे प्रगट पांडुरोगकी सम्प्राप्ति ,, | हिक्का-श्वासनिदानम् । पांडुके विशेष लक्षण, असाध्य पांडुरोगके लक्षण ७९ | हिक्काका स्वरूप और निरुक्ति ९८ कामलाके लक्षण ८० | हिक्काके भेद और सम्प्राप्ति ,, कुम्भकामलाके लक्षण ८१ | हिक्काके पूर्वरूप, अन्नजाके लक्षण ,, असाध्य कामलाके लक्षण ,, | यमलाके लक्षण, क्षुद्राके लक्षण ९९ कुम्भकामलाके असाध्य लक्षण ८२ | गंभीराके लक्षण, महती हिचकीके लक्षण ,, हलीमक रोगके लक्षण ,, | हिचकीके असाध्य लक्षण ,, पानकी लक्षण ,, | यमिकाके असाध्य लक्षण, यमिकाके साध्य लक्षण १०० रक्तपित्तनिदानम् । | श्वासनिदानम् । रक्तपित्तका पूर्वरूप, कफयुक्त रक्तपित्तके लक्षण ८३ | श्वासके पूर्वरूपके लक्षण १०० वातिक रक्तपित्तके लक्षण ,, | श्वासरोगकी सम्प्राप्ति, महाश्वासके लक्षण १०५ पैत्तिक रक्तपित्तके लक्षण ,, | ऊर्ध्वश्वासके लक्षण ,, द्विदोषजादि रक्तपित्तके लक्षण ८४ | ऊपरकोही श्वास ले नीचे नहीं आवे यह जो ऊर्ध्वगादिकोंका साध्यासाध्यविचार ,, | कहा उसमें कारण ,,