महाभारत (खंड २) - वन पर्व

महाभारत (खंड २) - वन पर्व
Mahabharata (Vol 2) - Vana Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
DevanagariSanskritpublished2,580 पृष्ठ
पृष्ठ 1370, कुल 2580 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 1370
तरह) जानता हूँ। इसीलिये इन सब बातोंका यथावत् वर्णन किया है॥ २७॥
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि मार्कण्डेयसमस्यापर्वणि राजन्यमहाभाग्ये शिबिचरिते
अष्टनवत्यधिकशततमोऽध्यायः॥ १९८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत मार्कण्डेयसमस्यापर्वमें क्षत्रियमाहात्म्यके प्रकरणमें शिबिचरित्रविषयक एक सौ अट्ठानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १९८॥