मनुस्मृति (कुल्लूकभट्ट टीका व हिन्दी अनुवाद सहित)
Manusmriti with Kulluka Bhatta Tika & Hindi Translation
महर्षि मनु द्वारा
स्रोत: चौखम्बा संस्कृत संस्थान · चौखम्बा संस्कृत संस्थान (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंभूमिका । ११ शिक्षा, कात्यायन शिक्षा, वशिष्ठ शिक्षा आदि अनेक शिक्षा- ग्रन्थ हैं । २ । कल्प । वेदोक्त कर्मों का यथावत् कल्पना जिसमें हो वह कल्प कहलाता है । कल्प दो प्रकार का है-एक श्रौतकल्प, दूसरा स्मार्तकल्प । ये दोनों ग्रन्थ वेदभेद अथवा शाखाभेद से भिन्न भिन्न हैं । श्रौतकल्प श्रौतसूत्र नाम से और स्मार्तकल्प स्मार्तसूत्र नाम से अथवा गृह्यसूत्र नाम से कहा जाता है । ३ । व्याकरण । वार्तिककार-कात्यायन और भाष्यकार पतञ्जलि द्वारा उन्नत पाणिनीय ( पाणिनिप्रोक्त अष्टाध्यायी ) व्याकरण । और वैदिक शब्दानुशासन के उपयोगी प्रातिशाख्य ग्रन्थ । ४ । निरुक्त । वेदार्थ के ज्ञान में अत्यन्त उपकारी यास्कमुनि कृत- निरुक्त । जिसके नैघण्टुक, नैगम और दैवत संज्ञक तीन काण्ड हैं । 'आद्यं नैघण्टुकं काण्डं द्वितीयं नैगमं तथा । तृतीयं दैवतं चेति समाम्नायस्त्रिधा मतः ॥' ५ । छन्द । पिङ्गल-मुनिप्रणीत छन्द, जो वैदिक तथा लौकिक भेदसे दो प्रकार का है ।