भारतकोश
मत्स्य महापुराण

मत्स्य महापुराण

Matsya Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

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अध्यायविषयपृष्ठ-संख्याअध्यायविषयपृष्ठ-संख्या
इतिहास तथा देवासुर-संग्रामके प्रसङ्गमें विभिन्न अवान्तर कथाएँ१६५उसका माहात्म्य२५५
४८तुर्वसु और द्रुह्यके वंशका वर्णन, अनुके वंश-वर्णनमें बलिकी कथा और कर्णकी उत्पत्तिका प्रसङ्ग१८८६५अक्षयतृतीया-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२५७
४९पूरु-वंशके वर्णन-प्रसङ्गमें भरत-वंशकी कथा, भरद्वाजकी उत्पत्ति और उनके वंशका कथन, नीप-वंशका वर्णन तथा पौरवोंका इतिहास१९५६६सारस्वत-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२५८
५०पूरुवंशी नरेशोंका विस्तृत इतिहास२०१६७सूर्य-चन्द्र-ग्रहणके समय स्नानकी विधि और उसका माहात्म्य२६०
५१अग्नि-वंशका वर्णन तथा उनके भेदोपभेदका कथन२०७६८सप्तमीस्नपन-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२६२
५२कर्मयोगकी महत्ता२११६९भीमद्वादशी-व्रतका विधान२६६
५३पुराणोंकी नामावलि और उनका संक्षिप्त परिचय२१४७०पण्यस्त्री-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२७२
५४नक्षत्र-पुरुष-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२२१७१अशून्यशयन (द्वितीया)-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२७७
५५आदित्यशयन-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२२५७२अङ्गारक-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२७९
५६श्रीकृष्णमाष्टमी-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२२८७३शुक्र और गुरुकी पूजा-विधि२८३
५७रोहिणीचन्द्रशयन-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२३०७४कल्याणसप्तमी-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२८४
५८तालाब, बगीचा, कुआँ, बावली, पुष्करिणी तथा देवमन्दिरकी प्रतिष्ठा आदिका विधान२३३७५विशोकसप्तमी-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२८६
५९वृक्ष लगानेकी विधि२३८७६फलसप्तमी-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२८७
६०सौभाग्यशयन-व्रत तथा जगद्धात्री सतीकी आराधना२४०७७शर्करासप्तमी-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२८९
६१अगस्त्य और वसिष्ठकी दिव्य उत्पत्ति, उर्वशी अप्सराका प्राकट्य और अगस्त्यके लिये अर्घ्य-प्रदान करनेकी विधि एवं माहात्म्य२४४७८कमलसप्तमी-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२९०
६२अनन्ततृतीया-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२४९७९मन्दारसप्तमी-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२९१
६३रसकल्याणिनी-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२५२८०शुभसप्तमी-व्रतकी विधि और उसका माहात्म्य२९३
६४आर्द्रानन्दकरी तृतीया-व्रतकी विधि और८१विशोकद्वादशी-व्रतकी विधि२९४
८२गुड़-धेनुके दानकी विधि और उसकी महिमा२९७
८३पर्वतदानके दस भेद, धान्यशैलके दानकी विधि और उसका माहात्म्य२९९
८४लवणाचलके दानकी विधि और उसका माहात्म्य३०४