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राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

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६ अंत में मैं पं० नाथूलाल व्यास एवं काशी-निवासी श्री हृदयनारायण सरीन, बी० ए० (जो गत छः वर्षों से मेरे सहकारी हैं) का नामोल्लेख करना आवश्यक समझता हूं, क्योंकि आरंभ से ही उन्होंने मेरे इस इति- हास के प्रणयन में बड़ी लगन के साथ कार्य किया है। मुझे अपने पुत्र प्रोफ़ेसर रामेश्वर ओझा, एम० ए० तथा निजी इतिहास-विभाग के कार्य- कर्त्ता पं० चिरंजीलाल व्यास से भी पूरा-पूरा सहयोग प्राप्त हुआ है, अतएव उनका नामोल्लेख करना भी आवश्यक है। अजमेर, चैत्र कृष्णा सप्तमी वि० सं० १६६७ } गौरीशंकर हीराचन्द ओझा