भारतकोश
राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)

History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha

महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished534 पृष्ठ

पृष्ठ 18, कुल 534 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 18

( ७ ) विषय पृष्ठाङ्क सिंहा ... ... ... ... ११८ राज्यप्राप्ति ... ... ... ११८ महाराणा अमरसिंह का महारावत के लिए टीका भेजना ११६ बसाड़ और अरणोद परगने का फ़रमान कुंवर कर्णसिंह के नाम होना ... ... ... १२० महाबतखां का देवलिया में जाकर रहना ... १२१ महारावत सिंहा का परलोकवास ... ... १२३ महारावत की राणियां और संतति ... ... १२४ महारावत का व्यक्तित्व ... ... १२६ जसवंतसिंह ... ... ... १२६ राज्य-प्राप्ति ... ... ... १२६ उदयपुर के महाराणा जगतसिंह ( प्रथम ) से महारावत का विरोध होना ... ... १२७ महाराणा जगतसिंह का महारावत को उदयपुर में बुलाकर मरवाना १३० महारावत की सन्तति आदि ... ... १३८ हरिसिंह ... ... ... ... १४१ राज्यप्राप्ति ... ... ... १४१ महाराणा का देवलिया पर सेना भेजना ... १४१ महारावत का शाही सेना के साथ जाकर देवलिया पर अधिकार करना ... ... ... १४३ महारावत को शाही दरबार से ख़िलअत आदि मिलना १४६ महारावत की शाहज़ादे मुराद के साथ नियुक्ति १४८ शाहज़ादे दारांशिकोह और मुराद का महारावत को अपनी-अपनी तरफ़ मिलाने का प्रयत्न करना १४६ दाराशिकोह को परास्त कर शाहज़ादे मुराद का महारावत को सुखेरीखेड़ा देना ... ... १५२