राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)
History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha
महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( ८ ) विषय : पृष्ठाङ्क औरंगज़ेब का बसाड़ और गयासपुर के परगने महाराणा को देना ... ... ... १५३ सहायता के लिए दाराशिकोह का महारावत के नाम निशान भेजना ... ... ... १५४ महाराणा राजसिंह का देवलिया पर सेना भेजना ... १५५ महाराणा राजसिंह के पास महारावत का उपस्थित होना १५६ महारावत को पुनः गयासपुर और बसाड़ आदि परगने मिलना १५८ महारावत का परलोकवास ... ... १६३ महारावत की संतति ... ... १६४ महारावत के बनवाये हुए महल और उसके समय के लोकोपयोगी कार्य ... ... १६७ महारावत के समय के ताम्रपत्र और शिलालेख ... १६७ महारावत का साहित्यानुराग ... ... १७० महारावत का व्यक्तित्व ... ... १७५ प्रतापसिंह ... ... ... १७७ राज्यप्राप्ति ... ... ... १७७ महारावत को खिलअत तथा मंसब मिलना ... १७७ शाहीदरबार से महाराणा राजसिंह और महारावत की तकरार की जांच के लिए शेख इनायतुल्ला की नियुक्ति ... १७७ मेवाड़ पर बादशाह औरंगज़ेब की चढ़ाई और महारावत के नाम फ़रमान पहुंचना ... १७८ शाहज़ादे मुअज्जम का महारावत के नाम निशान भेजना १८२ महारावत का प्रतापगढ़ का क़स्वा आबाद करना ... १८३ महाराणा अमरसिंह ( दूसरा ) का महारावत से छेड़-छाड़ करना १८३ महारावत की पिपलोदे पर चढ़ाई ... ... १८४ महारावत का शेरबुलंदखां को अपने यहां आश्रय देना १८५