भारतकोश
रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

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साहिब बन्दगी

गले के ट्यूमर के चिह्न

सिर को घुमाने पर यदि गर्दन में छोटे-छोटे माँस-पिण्ड दिखाई पड़े तो यह भी दूषित पदार्थ का जमाव है, जो होने वाले रोग की ओर इशारा करता है। यही जमाव आगे चलकर ट्यूमर की शक्ल ले लेता है।

दाँतों के रोग के चिह्न

कुछ लोगों की गर्दन के अगले भाग में सूजन होती है, जो कि गर्दन को ऊपर की ओर करने से दिख पड़ती है। फिर यही सूजन टुट्टी की तरफ आ रही होगी तो उसे दाँतों की तकलीफ़ होने की पूरी-पूरी संभावना होगी। उसके दाँत तो उम्र के पहले गिरेंगे-ही-गिरेंगे। फिर यदि समय रहते इलाज न किया गया तो यही सूजन आगे बढ़कर आँखों को भी परेशानी दे सकती है और बाल भी झड़ सकते हैं।

बवासीर के चिह्न

जब भी गर्दन का पिछला भाग मोटा हो जाए तो समझना कि दोषयुक्त पदार्थ शरीर के पिछले भाग से होता हुआ सिर तक पहुँच गया है। शरीर के पिछले भाग में दूषित पदार्थ जमा होने से बवासीर की संभावना आम हो जाती है।

सतगुरु

शब्द

सहाई।

निकट गये तन रोग न व्यापे, पाप ताप मिट जाई॥