शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary
शार्ङ्गधराचार्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ें(xiii) चतुर्थोऽध्यायः तीक्ष्ण एवं मन्द द्रव्य का लक्षण ३७ दीपन-पाचन द्रव्यों के लक्षण ३३ मृदु एवं कर्कश द्रव्य का लक्षण ३७ शमन द्रव्य का लक्षण ३३ पञ्चमोऽध्यायः अनुलोमन द्रव्य का लक्षण ३३ शरीर-परिचय ३८ संस्रन द्रव्य का लक्षण ३३ कला का वर्णन ३८ भेदन द्रव्य का लक्षण ३३ कला-परिचय ३८ रेचन द्रव्य का लक्षण ३४ आशय-परिचय ३९ वमन द्रव्य का लक्षण ३४ धातुओं का उत्पत्ति-क्रम ३९ शोधन द्रव्य का लक्षण ३४ धातुओं के नाम ३९ छेदन द्रव्य का लक्षण ३४ धातुओं के मुख्य कार्य ३९ लेखन द्रव्य का लक्षण ३४ रस-स्वरूप ४० ग्राही द्रव्य का लक्षण ३४ रक्त का स्वरूप ४० स्तम्भन द्रव्य का लक्षण ३४ मांस का स्वरूप ४० रसायन द्रव्य का लक्षण ३४ मेदस् का स्वरूप ४० वाजीकरण द्रव्य का लक्षण ३५ अस्थि का स्वरूप ४० शुक्रल द्रव्य का लक्षण ३५ मज्जा का स्वरूप ४० शुक्र के प्रवर्तक तथा जनक द्रव्यों के लक्षण ३५ शुक्र का स्वरूप ४० प्रवर्तक आदि द्रव्यों के लक्षण ३५ सप्त धातुओं के मल ४० सूक्ष्म द्रव्य का लक्षण ३५ धातुमलों का परिगणन ४० व्यवायी द्रव्य का लक्षण ३५ उप-धातु ४० विकासी द्रव्य का लक्षण ३५ स्तन्य का स्वरूप ४१ मदकारी द्रव्य का लक्षण ३६ रजस् का स्वरूप ४१ विष का लक्षण ३६ वसा का स्वरूप ४१ प्रमाथी द्रव्य का लक्षण ३६ स्वेद का स्वरूप ४१ अभिष्यन्दी द्रव्य का लक्षण ३६ दाँत का स्वरूप ४१ विदाही द्रव्य का लक्षण ३६ केश का स्वरूप ४१ लंघन द्रव्य का लक्षण ३६ ओजस् का स्वरूप ४१ बृंहण द्रव्य का लक्षण ३६ त्वचाओं का स्वरूप तथा नाम ४१ रूक्षण द्रव्य का लक्षण ३६ दोषों का वर्णन ४२ स्नेहन द्रव्य का लक्षण ३६ दोष आदि संज्ञाओं का हेतु ४२ स्वेदन द्रव्य का लक्षण ३६ दोषों में वायु की प्रधानता ४२ श्लक्ष्ण द्रव्य का लक्षण ३६ वात के गुण, स्थान तथा नाम ४२ स्थिर, सर, पिच्छिल द्रव्य का लक्षण ३७ पित्त के गुण, स्थान तथा नाम ४३ विशद द्रव्य का लक्षण ३७ कफ के गुण, स्थान तथा नाम ४३ स्थूल द्रव्य का लक्षण ३७ सन्धि-परिचय ४३ द्रव एवं सान्द्र द्रव्य का लक्षण ३७ अस्थि-परिचय ४४